Indian Students in UK (File Photo)
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ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में 2021 के दौरान भारत से रिकॉर्ड संख्या में 3,200 छात्रों के आवेदन केंद्रीकृत आवेदन प्रणाली के माध्यम से स्वीकार किए गए हैं। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 19 फीसदी अधिक है। विवि और कॉलेजों में प्रवेश सेवा (यूसीएएस) की स्वीकृति के आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है।
बता दें कि यूसीएएस के आंकड़े भारत को ब्रिटेन में कोविड-19 के तहत लगाए गए लाल सूची के प्रतिबंधों से हटाने के बाद सामने आए हैं। इसका प्रभाव ब्रिटेन की यात्रा करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा, क्योंकि अब उन्हें अतिरिक्त लागत पर सरकार की 10 दिनों के लिए क्वारंटीन रहने की बंदिशें भी नहीं लगेंगी।
अब ये छात्र उनके द्वारा चुने गए गंतव्य पर 10 दिनों तक क्वारंटीन रहने का विकल्प चुन सकते हैं। इसे देखते हुए ब्रिटेन के विश्वविद्यालय इस बार भारतीय छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों ने कहा कि छात्रों ने विदेशों में अध्ययन करने की अपनी योजनाओं पर कायम रहने में काफी धैर्य और लचीलापन दिखाया है और हम अपने परिसरों में उनका स्वागत करने के लिए तत्पर हैं।
रोमांचित करने वाली है भारतीयों की वृद्धि
ब्रिटेन में राष्ट्रीय भारतीय छात्र और पूर्व छात्रसंघ (एनआईएसएयू) ने बताया कि लाल सूची के तहत भारतीय छात्रों को अनिवार्य क्वारंटीन की वजह से करीब 1,750 पाउंड का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा था। लेकिन अब नए नियमों से काफी राहत मिली है। संस्था के चेयरमैन सनम अरोड़ा ने कहा, भारतीय छात्रों की संख्या में यह वृद्धि देखकर हम काफी रोमांचित हैं।