बता दें कि, पुलिस की हिरासत में अफ्रीकी मूल के अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के खिलाफ अमेरिका में शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन लगातार आठवें दिन जारी रहा। कई शहरों में लगे कर्फ्यू के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने इसका उल्लंघन किया। लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू के बावजूद रैली निकाली गई। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप के सेना लगाने के बयान पर व्हाइट हाउस ने बुधवार को नरम रुख अपनाया।
न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, शिकागो और वाशिंगटन डीसी समेत अमेरिका के कई शहरों में अश्वेत की मौत के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किए गए। इनमें से कुछ जगह हिंसक प्रदर्शन भी हुए। कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और बड़े पैमाने पर लूटपाट भी हुई। यहां संपत्ति व स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया और वाहनों को आग लगा दी गई।
ऐसा बताया जा रहा है कि अमेरिका में हालिया दशकों में इतने बड़े पैमाने पर असैन्य अशांति नहीं फैली है। प्रदर्शनों में हिंसा के चलते न्यूयॉर्क और वाशिंगटन समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू को भी तोड़ा।
बोस्टन में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की। यहां सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया। देश के 28 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में अशांति है जहां 20,400 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।