प्रोपब्लिका ने ध्यान दिलाया है कि यही बात व्हाट्सएप के हर यूजर के मेसेज बॉक्स में लिखी रहती है। उसमें कहा जाता है- ‘इस चैट से बाहर कोई भी इसे पढ़ या सुन नहीं सकता- यहां तक कि व्हाट्सएप भी नहीं।’ वेबसाइट का कहना है कि व्हाट्सएप के दफ्तरों में असल में जो किया जा रहा है, वह साफ तौर पर इन आश्वासनों का उल्लंघन है। इस रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी न सिर्फ भेजे गए संदेशों पर नजर रखती है, बल्कि वह संदेश भेजने वाले लोगों और उनके एकाउंट की भी पूरी निगरानी करती है।
प्रोपब्लिका के मुताबिक व्हाट्सएप के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर कार्ल वूग ने स्वीकार किया कि कंपनी कॉन्ट्रैक्ट कर्मी व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेशों की समीक्षा करते है, ताकि वे इस माध्यम का दुरुपयोग करने वालों को हटा सकें। लेकिन वूग ने दावा किया कि यह काम कंटेंट निगरानी की श्रेणी में नहीं आता है। प्रोपब्लिका के मुताबिक कंपनी के अधिकारियों ने उसकी इस खबर पर इंटरव्यू के लिए मिलने से इनकार कर दिया। लेकिन उन्होंने वेबसाइट के सवालों का लिखित जवाब दिया। इसमें उन्होंने कहा- ‘व्हाट्सएप दुनिया के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है। हम अपने एप को क्या रूप दें, इस बारे में हमारे फैसले यूजर्स की प्राइवेसी पर केंद्रित रहते हैं। हम उच्चस्तरीय विश्वसनीयता को कायम रखते हुए यह सुनिश्चित करते हैं कि इस माध्यम का दुरुपयोग ना हो।’