पीएम मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की एक दूसरे से मिलते हुए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से कीव में मुलाकात की। यह मुलाकात युद्धग्रस्त देश की ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा थी। इस मुलाकात के बाद जेलेंस्की गदगद हैं। उन्होंने पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा को सराहा। साथ ही कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्ध है और कीव की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है।
भारत-यूक्रेन संबंधों का इतिहास
भारत ने सोवियत संघ के विघटन के बाद दिसंबर 1991 में यूक्रेन की स्वतंत्रता को मान्यता दी। इसके बाद 17 जनवरी 1992 को दोनों देशों के बीच औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध स्थापित हुए। भारत ने 1992 में कीव में अपना दूतावास खोला, जबकि यूक्रेन ने 1993 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला। सन् 1992 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन की पहली यात्रा है।
भारतीय पीएम ने युद्ध में मारे गए बच्चों को दिया सम्मान: जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने युद्ध में मारे गए यूक्रेन के बच्चों की स्मृति को सम्मान देकर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई उनकी यात्रा की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि वह इस युद्ध के दौरान भारत द्वारा प्रदान किए गए मानवीय सहायता पैकेजों के लिए आभारी हैं। बता दें, पीएम मोदी शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रीय इतिहास संग्रहालय में युद्ध में मारे गए बच्चों पर मल्टीमीडिया शहीद प्रदर्शनी को देखने पहुंचे थे। उन्होंने संघर्ष में मारे गए बच्चों की मौत पर दुख व्यक्त किया था।
सहायता पैकेजों के लिए हम आभारी
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन का दौरा किया, जो भारत और स्वतंत्र यूक्रेन के बीच संबंधों की स्थापना के बाद से इस तरह की पहली यात्रा है। हमारे बीच हुईं बातचीत व्यापक थीं, जिनमें यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध और न्यायपूर्ण शांति का मुद्दा शामिल था। हम दिल से सराहना करते हैं कि प्रधानमंत्री ने रूस के हमले में मारे गए यूक्रेनी बच्चों की स्मृति का सम्मान करते हुए अपनी यात्रा शुरू की। मैं इस पूरे युद्ध के दौरान भारत द्वारा प्रदान किए गए मानवीय सहायता पैकेजों के लिए आभारी हूं।'
दुनिया भर के नेता स्पष्ट रुख व्यक्त करें
उन्होंने आगे कहा कि यह जरूरी है कि अधिक से अधिक वैश्विक नेता स्पष्ट रूप से अपना रुख व्यक्त करें और ठोस शब्दों में अपना समर्थन प्रदर्शित करने के लिए यूक्रेन का दौरा करें। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, ''हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्ध है और हमारी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के मूल सिद्धांतों का समर्थन करता है। भारत शांति फार्मूले पर हमारे कार्य में भी शामिल है, जिसका शांति शिखर सम्मेलन में प्रतिनिधित्व किया गया है और संबंधित समूहों में भाग लिया गया है। यह सब हमें उम्मीद देता है और यह महत्वपूर्ण है कि जितना संभव हो उतने वैश्विक नेता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत मानदंडों पर अपना रुख स्पष्ट रूप से व्यक्त करें और अपना समर्थन दिखाने के लिए यूक्रेन का दौरा करें।'