रूस में ड्यूमा का चुनाव प्रत्यक्ष और आनुपातिक प्रणाली के मेल से होता है। इसके तहत 450 सदस्यों वाली ड्यूमा के आधे सदस्य सीधे निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैँ। जबकि आधी सीटें पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के आधार पर आवंटित की जाती हैँ। इस प्रक्रिया के पूरी होने में समय लगता है। इसलिए अभी ये साफ नहीं है कि अंत किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी। 2016 में यूनाइटेड रशिया को 334 सीटें मिली थीँ। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इस बार ये संख्या वहां तक पहुंच पाएगी, ये संभावना कम है।
ड्यूमा में उन दलों को नुमाइंदगी मिलती है, जिन्हें कुल पड़े वोटों में कम से कम पांच फीसदी हासिल हुए हों। रूसी मीडिया में छपी रिपोर्टों के मुताबिक मतगणना के शुरुआती रूझानों से यह साफ हुआ है कि यूनाइटेड रशिया और कम्युनिस्ट पार्टी के अलावा एलडीपीआर, न्यू पीपुल पार्टी, और जस्ट रशिया पार्टी इस बार नुमाइंदगी पाने में सफल रहेंगी।
अलेक्सी नवालनी ने इस बार पुतिन विरोधी मतदाताओं से ‘स्मार्ट वोटिंग’ की रणनीति अपनाने की अपील की थी। इसके तहत उन्होंने आह्वान किया था कि पुतिन विरोधी मतदाता अपने क्षेत्र में उस पार्टी को वोट दें, जो यूनाइटेड रशिया को टक्कर देती दिखे। पर्यवेक्षकों के मुताबिक चुनाव नतीजों से लगता है कि ये रणनीति आंशिक रूप से ही सफल हुई है।