राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेनी सेना विदेशियों को जाने नहीं दे रही है। रूसी सैनिकों ने बंधकों को रिहा कराया है। उन्होंने कहा कि करीब तीन हजार भारतीय छात्रों को बंधक बनाया गया है। हम भारतीय छात्रों को बाहर निकालने में पूरी मदद करेंगे। रूसी सेना की ओर से रिहायशी इलाकों में हमला नहीं किया जा रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को धीरे-धीरे एक हफ्ता हो जाएगा लेकिन रूस की ओर से यूक्रेन पर अभी भी ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। लोग यूक्रेन से निकलकर सीमाओं की तरफ चल निकले हैं ताकि कहीं सुरक्षित ठिकाना मिल सके। वहीं विदेशी लोग भी अपने देश जाने को यूक्रेन की सीमाओं तक पहुंच रहे है। लेकिन पुतिन के एक बयान ने हड़कंप मचा दिया है। रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन की सेना ने भारत और चीन के नागरिकों को बंधक बनाया है।
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उन्होंने कहा कि करीब तीन हजार भारतीय छात्रों को बंधक बनाया गया है। हम भारतीय छात्रों को बाहर निकालने में पूरी मदद करेंगे। रूसी सेना की ओर से रिहायशी इलाकों में हमला नहीं किया जा रहा है। यूक्रेन ने इन इलाकों में सैनिक और टैंक तैनात किए हैं। कोई फासिस्ट ही ऐसा कर सकता है। पुतिन ने कहा कि यूक्रेनी सेना विदेशियों को जाने नहीं दे रही है। रूसी सैनिकों ने बंधकों को रिहा कराया है।
जेलेंस्की की पुतिन से सीधी बातचीत की अपील
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ सीधी बातचीत की अपील करते हुए कहा कि यह इस युद्ध को रोकने का एकमात्र तरीका है। एक संवाददाता सम्मेलन में यूक्रेनी राष्ट्रपति ने पुतिन को संबोधित करते हुए कहा- हम रूस पर हमला नहीं कर रहे हैं और हम उस पर हमला करने की योजना नहीं बना रहे हैं। आप हमसे क्या चाहते हैं? हमारी जमीन छोड़ दो।
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पुतिन द्वारा विश्व के नेताओं को मशहूर लंबी मेज पर बैठाकर चर्चा का जिक्र करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि मेरे साथ बैठो, 30 मीटर दूर नहीं (फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तरह)।