अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर बड़ा बयान दिया है। बाइडन ने कहा कि अभी उनके पास पुतिन से बात करने की कोई अच्छी वजह नहीं है। जब तक रूसी नेता पुतिन अपना व्यवहार नहीं बदलेंगे तब तक ऐसा नहीं हो सकता। मौजूदा समय में जो कुछ हो रहा है, उसे लेकर भी वह झूठ बोलते हैं। वॉशिंगटन में नाटो शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में पत्रकारों ने बाइडन से पुतिन से बात करने को लेकर सवाल किए थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि विश्व में कोई ऐसा नेता नहीं है, जिससे मैं बात नहीं करना चाहता। मैं पुतिन से बात करने के लिए तब तक तैयार नहीं हूं, जब तक वे अपने विचार और व्यवहार को बदलने के लिए तैयार न हों। बाइडन ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कहा कि युद्ध को रूस ने कथित तौर पर जीत लिया है। सही संख्या तो नहीं जानता, लेकिन मुझे लगता है कि पहले रूस के पास यूक्रेन का 17.3 फीसदी हिस्सा था, अब जीत के बाद यह 17.4 फीसदी हो गया है। इसके बाद भी युद्ध में रूस और पुतिन सफल नहीं रहे। उन्होंने अपने देश में जीवन की हानि और बड़ी क्षति की। उन्होंने अपने 3.5 लाख से अधिक सैनिक खो दिए। 10 लाख से अधिक लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं। बेहतर भविष्य न दिखने से तकनीकी रूप से दक्ष युवा रूस को छोड़ रहे हैं।
बाइडन ने यह भी कहा कि वह अपने देश में सार्वजनिक आक्रोश को नियंत्रित करके उसे बेहतर तरीके से चलाते हैं। वे अपने देश के संवाद तंत्र का बेहतर इस्तेमाल करते हैं। हालांकि वे अपने देश के लोगों से झूठ बोलते हैं। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि रूस जल्द ही बदल पाए्गा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली बार मैंने पुतिन से बात की थी। मैनें उन्हें परमाणु हथियार और अंतरिक्ष हथियार समझौते पर राजी करने का काफी कोशिश की, लेकिन यह हो नहीं सका।
प्रशांत द्वीप के नेताओं से दो बार मिल चुका
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि मैं किसी भी नेता से बात करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझे दूसरी ओर से कोई झुकाव नहीं दिखता। चीन मुझसे संपर्क बनाना चाहता है, लेकिन वे इसे लेकर निश्चित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने एशिया और प्रशांत द्वीप से जुड़े क्षेत्र को मजबूत किया है। मैनें नाटो देशों से कहा है कि वे दक्षिण प्रशांत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया से समूह लेकर आएं। मैं प्रशांत द्वीप के 14 नेताओं से दो बार मिल चुका हूं। इसके बाद हमने वहां चल रहीं गतिविधियों को कमजोर किया है। यहां चीन की पहुंच धीमी की गई। लेकिन इस ओर अभी काफी काम बाकी है। मैं इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेता हूं।
मैं काम करने पर भरोसा करता हूं
प्रेस वार्ता में जो बाइडन ने मानसिक क्षमता और बढ़ती उम्र पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने अपनी विदेशी और घरेलू नीतियों का जवाब दिया। बाइडन ने कहा कि मैं अपनी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए यहां नहीं हूं। मैं काम करने में विश्वास करता हूं। पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप के सामने राष्ट्रपति पद को लेकर हुई बहस में उनका खराब प्रदर्शन चर्चा का विषय बन गया था।