पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी
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पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा नवनिर्वाचित नेशनल असेंबली के पहले सत्र को बुलाने से इनकार करने पर नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अल्वी को कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
नेशनल असेंबली के पहले सत्र को बुलाने से किया इनकार
सोमवार को अल्वी ने 29 फरवरी को नवनिर्वाचित नेशनल असेंबली का पहला सत्र बुलाने के कार्यवाहक संसदीय मामलों के मंत्रालय के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान के करीबी माने जाने वाले अल्वी ने कहा कि सभी आरक्षित सीटों को सत्र के बुलाने से पहले आवंटित किया जाना चाहिए, जिसमें नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे।
हालांकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को अल्वी द्वारा उठाई गई आपत्तियों को सीरे से खारिज कर दिया है। साथ ही कहा कि पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक, नेशनल असेंबली सत्र चुनाव के 21 दिनों के भीतर होना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 91 के तहत, नेशनल असेंबली के पहले सत्र की जरूरी तारीख 29 फरवरी है।
अल्वी के खिलाफ दो मामले करेंगे दर्ज- बिलावल
इस मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने मगंलवार को कहा कि संविधान की अवज्ञा करने पर अल्वी के खिलाफ कई कानूनी कार्रवाई की जाएंगी। बिलावल ने कहा कि राष्ट्रपति अल्वी के खिलाफ दो मामले दर्ज किए जाएंगे। पहला, 2022 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर नेशनल असेंबली को भंग करने के लिए होगा। दूसरा, नेशनल असेंबली सत्र न बुलाकर संविधान की अवज्ञा करने के लिए होगा।
अल्वी ने संविधान का किया अपमान- इशाक डार
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता इशाक डार ने भी कहा कि अल्वी ने नेशनल असेंबली सत्र न बुलाकर संविधान का अपमान किया है।गौरतलब है कि आठ फरवरी के आम चुनाव में पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने नेशनल असेंबली में बहुमत सीटें जीतीं। हालांकि, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) एक नई गठबंधन सरकार बनाने की घोषणा की थी।