पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'एक दोषी अपराधी को हर चीज में मदद की जा रही है। पीएमएलएन ने पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से तबाह कर दिया है।' तीन बार प्रधानमंत्री रहे शरीफ के पाकिस्तान लौटने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
इससे पहले शरीफ के भाई और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो पाकिस्तान को पटरी पर लाने के लिए वापस आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे नेता नवाज शरीफ आज आपके बीच होंगे, इंशाअल्लाह। वह इस राष्ट्र को एकजुट करने के लिए वापस आ रहे हैं, न कि इसे और बांटने करने के लिए। वह अपने लोगों के बीच प्यार फैलाने के लिए वापस आ रहे हैं, नफरत फैलाने के लिए नहीं।' उन्होंने कहा, 'वह आपको एक उत्पादक नागरिक बनने में मदद करने के लिए वापस आ रहे हैं, न कि किसी पार्टी या समूह के लिए गोला-बारूद। वह पाकिस्तान को पटरी पर लाने के लिए वापस आ रहे हैं।'
दुबई हवाई अड्डे पर मीडिया को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, 'मैं आज चार साल बाद पाकिस्तान वापस जा रहा हूं। जब मैं पाकिस्तान छोड़कर विदेश जा रहा था तो मुझे खुशी का कोई एहसास नहीं था लेकिन आज मैं खुश हूं।' इस्लामाबाद उच्च न्यायालय द्वारा चार सप्ताह की जमानत दिए जाने के बाद शरीफ चिकित्सा आधार पर नवंबर 2019 में लंदन चले गए थे। उस समय तक वह अल-अजीजिया भ्रष्टाचार मामले में अपनी सात साल की जेल की सजा का आधा हिस्सा काट चुके थे। तब से चार वर्षों के दौरान उन्हें अल-अजीजिया और एवेनफील्ड भ्रष्टाचार मामलों में भगोड़ा घोषित किया गया था, क्योंकि सजा के खिलाफ अपील पर कार्यवाही से उनकी निरंतर गैर-मौजूदगी रही।
उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उन्हें दोनों मामलों में 24 अक्तूबर तक सुरक्षात्मक जमानत दे दी क्योंकि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूर (एनएबी) ने उनकी याचिकाओं का विरोध नहीं किया। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह 'सही समय' पर देश लौट रहे हैं क्योंकि उनके चिर प्रतिद्वंद्वी पीटीआई प्रमुख इमरान खान जेल में हैं और सत्ता प्रतिष्ठान के साथ पीएमएल-एन का 'सही समीकरण' बना हुआ है।
'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक इस पृष्ठभूमि में पीटीआई ने पीएमएल-एन सुप्रीमो को 'व्यवस्था का नया चहेता' करार दिया है। पीटीआई नेता और पूर्व संघीय मंत्री मूनिस इलाही ने कहा, 'जो किसी और (इमरान खान) को लाडला कह रहा था, वह अब लाडला बन गया है।' इलाही ने कहा, 'घोषित अपराधी और सजायाफ्ता नवाज शरीफ को देश में घूमने की इजाजत मिल गई है, लेकिन मैं आपको बता दूं कि लोगों ने उन्हें और उनकी पार्टी को खारिज कर दिया है।
नवाज शरीफ की इस्लामाबाद से लाहौर जाने वाली उड़ान में शनिवार को करीब एक घंटे की देरी हुई, क्योंकि उनके साथ मौजूद उनकी पार्टी के एक नेता की तबीयत खराब हो गई और उन्हें विमान से उतारना पड़ा। पीएमएल-एन सुप्रीमो 'उम्मीद-ए-पाकिस्तान' चार्टर्ड विमान से दुबई से इस्लामाबाद पहुंचे।
विमान से उतरने के बाद वह कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और बायोमेट्रिक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए पार्टी नेता इशाक डार के साथ हवाई अड्डे के वीआईपी लाउंज में गए। इसके बाद वह एक विशाल रैली को संबोधित करने के लिए उसी विमान से लाहौर गए।
बताया जा रहा है कि शनिवार दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर लाहौर के लिए उड़ान भरने वाला विमान इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर कई मिनट तक रुका रहा, क्योंकि नवाज शरीफ के साथ मौजूद पीएमएल-एन जापान के अध्यक्ष मलिक नूर अवान बीमार पड़ गए। बहरहाल, विमान के चालक दल के सदस्यों ने बीमार पीएमएल-एन नेता को विमान से उतार लिया। पीएमएल-एन के एक अन्य नेता नासिर जंजुआ भी विमान से बाहर आए। विमान ने करीब चार बजकर 20 मिनट पर उड़ान भरी। इससे पहले खबर आई थी कि एक यात्री के लापता होने के बाद उड़ान में देरी हुई।
पार्टी सूत्रों ने जानकारी दी कि शरीफ के हेलीकॉप्टर से जाती उमरा जाने की संभावना है, जहां वह अपने माता-पिता, पत्नी और भाई की कब्रों पर जाएंगे। वहां कुछ देर रुकने के बाद वह एक जनसभा को संबोधित करने के लिए हेलीकॉप्टर से मीनार-ए-पाकिस्तान पहुंचेंगे। मीनार-ए-पाकिस्तान वह स्थल है जहां अखिल भारतीय मुस्लिम लीग ने 23 मार्च, 1940 को लाहौर प्रस्ताव (ब्रिटिश भारत के मुसलमानों के लिए एक अलग और स्वतंत्र भूमि के लिए पहला आधिकारिक आह्वान) पारित किया था।