फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: 'अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा साझेदारी को और मजबूत किया', पेंटागन का बयान

Wed, 13 Dec 2023 02:15 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

पेंटागन के प्रेस सचिव पैट राइडर ने एक प्रेस क्रान्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम रक्षा स्तर पर भारत के साथ अपने संबंधों की बहुत सराहना करते हैं। हम भारत के साथ मजबूत रक्षा साझेदारी को बढ़ावा देना जारी रखेंगे
विज्ञापन
पेंटागन के प्रेस सचिव पैट राइडर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों में लगातार गहराई और मजबूती देखने को मिल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के मजबूत संबंधों पर बहुत फोकस किया है। पेंटागन ने कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ी प्रगति की है और आने वाले समय में भी वह सैन्य संबंधों में और प्रगति करने को लेकर आशान्वित है।

विज्ञापन


दोनों देशों के लिए यह साल...
पेंटागन के प्रेस सचिव पैट राइडर ने एक प्रेस क्रान्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'हम रक्षा स्तर पर भारत के साथ अपने संबंधों की बहुत सराहना करते हैं। हम भारत के साथ मजबूत रक्षा साझेदारी को बढ़ावा देना जारी रखेंगे और मुझे लगता है कि आप हमें आगे भी ऐसा करते हुए देखेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों का खासकर रक्षा क्षेत्र में यह एक बहुत अच्छा वर्ष रहा है। अपने संबंधों एवं सहयोग को और मजबूत करने के मामले में बड़ी प्रगति की है।

इनपर हो रहा मिलकर काम
उन्होंने मंगलवार को एक सवाल के जवाब में कहा, 'आपने हमें इंडस-एक्स जैसी चीजों के बारे में बात करते हुए सुना है और भारत में जेट इंजन जैसी चीजों को औद्योगिक आधार में शामिल करने के लिए रक्षा सहयोग के प्रयासों पर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, भारत में बख्तरबंद वाहनों का उत्पादन करने के लिए भी मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, हमारी नौसेना के जहाज मरम्मत के लिए भारत जाएंगे।'
विज्ञापन


भारत के साथ मिलकर काम करना रहेगा जारी
राइडर ने कहा, 'दोनों देश एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण की दिशा में काम कर रहे हैं, जहां संप्रभुता का सम्मान किया जाता है। इससे देश अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में काम कर सकते हैं। साथ ही साथ अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को स्वतंत्र रूप से और बिना किसी डर के पार ले जा सकते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'हम भारत के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें