हाल ही में यह जानकारी आई थी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की लंदन में ओपन हार्ट सर्जरी हुई है, लेकिन इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ की तरफ से कहा गया है कि नवाज शरीफ की ओपन हार्ट सर्जरी एक झूठ है। पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि यह एक पॉलिटिकल ड्रामा है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
तहरीक-ए-इंसाफ के प्रवक्ता नईमुल हक ने यह आरोप लगाया है कि नवाज की कोई सर्जरी नहीं हुई। डॉन की खबर के मुताबिक नईमुल ने कहा कि नवाज शरीफ ने लंदन से अपनी बीमारी की झूठी खबर फैला दी। उनके स्टेटमेंट में न तो किसी डॉक्टर के नाम का जिक्र है और न ही ओपन हार्ट सर्जरी का।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें लंदन से बहुत से डॉक्टरों से नवाज के झूठ के बारे में जानकारी मिली है। नईमुल हक ने अपने दावे को सियासी हथकंडा मानने से इनकार किया और अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि यह बात उनकी जानकारी में हैं।
'न डॉक्टर का नाम, न सर्जरी का जिक्र'
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हक ने कहा कि तीन महीनों से नवाज इसलिए लोगों को बरगलाते रहे, ताकि पनामा पेपर्स का जिक्र न हो पाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और विपक्षी पार्टियां शरीफ से पनामाकांड का हिसाब मागेंगी।
उधर नवाज शरीफ के कार्यालय से नईमुल हक के दावे के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही गई, और कहा गया कि इस मामले पर सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाएगी।
इससे पहले नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने मीडिया को जानकारी दी थी कि उनके पिता की लंदन में ओपन हार्ट सर्जरी हो रही है। इस सिलसिले में नवाज लंदन के अस्पताल में बीती 31 मई को भर्ती हुए थे।
पाकिस्तान की ज्यादातर पार्टियां यही मानकर चल रही हैं कि उस वक्त पनामाकांड में नाम आने पर खुद को बचाने के लिए नवाज ने हार्ट सर्जरी का नाटक किया था।
'पनामाकांड में नाम आने के बाद भाग रहे हैं नवाज'
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हालांकि प्रत्यक्ष तौर पर इमराम खान की पार्टी ही नवाज की विरोध में खुलकर सामने आई है, बाकी पार्टियां दबी जबान से यह आशंका जता रही हैं।
यह पहली दफा नहीं है जब इमराम खान की पार्टी ने नवाज शरीफ के खिलाफ मोर्चा बुलंद किया हो, हाल ही में इमरान खान ने यहां तक कह दिया था कि पाकिस्तान को नवाज शरीफ की भ्रष्ट सरकार की जरूरत नहीं, उनकी सरकार से लोकतंत्र का खतरा है, इसलिए मुल्क में मिलिट्री शासन लगा देना चाहिए।
यही नहीं, एक बार फिर से पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में आर्मी चीफ राहील शरीफ के समर्थन में जगह-जगह पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स नजर आए थे।
बहरहाल, पाकिस्तान के अंदरूनी हालात वहां की मौजूदा सियासत के मुताबिक अस्थिर लग रहे हैं, और इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि सेना जल्द ही मुल्क की कमांड अपने हाथ में ले लेगी।