फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इमरान का उकसाने वाला बयानः पाकिस्तानी सेना से कहा, मैं आपको बताऊंगा LOC कब जाना है

Sat, 14 Sep 2019 01:40 PM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
इमरान खान - फोटो : File
विज्ञापन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत अपने हिस्से के कश्मीर में जो कर रहा है उससे इंतहापसंदी यानी कि अतिवादी सोच पैदा होगी।

विज्ञापन


पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में शुक्रवार को एक जलसे को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि वो भारत प्रशासित कश्मीर के लोगों के लिए वो करेंगे जो आजतक किसी ने नहीं किया होगा।

भारत ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर राज्य को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को खत्म कर दिया था। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर राज्य को भी समाप्त कर उसे दो केंद्र प्रशासित प्रदेश बनाने की घोषणा की थी।
विज्ञापन


उसके बाद से ही कश्मीर में तनाव बना हुआ है। नागरिक अधिकारों पर पाबंदी लगी हुई है। ज्यादातर इलाकों में धारा 144 लागू है। लैंडलाइन दोबारा बहाल हो गए हैं लेकिन मोबाइल और इंटरनेट पर अभी भी पाबंदी लगी हुई है।

1947 में भारत की आजादी और देश के विभाजन के समय से ही कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान में विवाद बना हुआ है। पाकिस्तान कहता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की इच्छा के अनुसार कश्मीर का अंतिम फैसला होना चाहिए। जबकि भारत का कहना है कि कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और पाकिस्तान के हिस्से वाले कश्मीर पर भी भारत अपनी दावेदारी पेश करता है।

शुक्रवार को कश्मीरी जनता के समर्थन में आयोजित जलसे को संबोधित करते हुए इमरान खान ने भारत की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी और उसके वैचारिक संगठन आरएसएस को भी निशाना बनाया। इमरान खान ने कहा कि आरएसएस हिटलर और मुसोलिनी को अपना रोल मॉडल मानती है और भारत की सरकार उसी विचारधारा को कश्मीर पर थोंपना चाहती है।

उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा कि वो जो कर रहे हैं उससे कश्मीरी जनता में भारी प्रतिक्रिया होगी और इससे हिंसक वारदातों में और इजाफा होगा। इमरान ने कहा कि न केवल कश्मीर, बल्कि 20 करोड़ भारतीय मुसलमानों और दुनिया भर के सवा अरब मुसलमानों में इसको लेकर प्रतिक्रिया होगी।

इमरान ने कहा कि भारत न केवल कश्मीरियों को बल्कि 20 करोड़ भारतीय मुसलमानों को भी इंतहापसंदी यानी अतिवाद की तरफ धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि वो कश्मीरी जनता के राजदूत बन कर दुनिया भर के सामने जाएंगे और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के जरिए कश्मीरियों की स्थिति के बारे में दुनिया भर के लोगों को अवगत कराएंगे।

उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना के जुल्म के शिकार 20 साल के एक नौजवान ने भारतीय सैनिकों पर हमला किया जिसमें 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे। लेकिन भारत ने उसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और बालाकोट पर बमबारी की।

इमरान ने कहा कि उसका नतीजा दुनिया ने देखा कि कैसे पाकिस्तान ने भारतीय जहाज को मार दिया और उनके लड़ाकू विमान के एक पायलट को भी पकड़ लिया था। इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय पायलट को इसलिए वापस कर दिया क्योंकि पाकिस्तान इलाके में शांति चाहता है।

उन्होंने कहा कि इसी महीने के आखिर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी कश्मीर की बात करेंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जगत से कहा कि वो 'हिंदुस्तान के हिटलर' को रोकें।

इमरान खान ने और क्या-क्या कहा

कश्मीर का मसला इंसानियत का मसला है। 40 दिनों से हमारे कश्मीरी भाई-बहन, बुर्जुग-बच्चे कर्फ्यू के नीचे हैं। मैं खासतौर पर नरेंद्र मोदी को ये पैगाम देना चाहता हूं कि सिर्फ एक बुजदिल इंसान ही दूसरे इंसानों पर जुल्म करता है।

आप इस जुल्म में कामयाब नहीं होंगे क्योंकि कश्मीर की आवाम में मौत का खौफ खत्म हो चुका है। उनका डर चला गया है, उन्हें आप शिकस्त नहीं दे सकते।

नरेंद्र मोदी बचपन से आरएसएस से जुड़े हुए हैं और आरएसएस वो जमात है जिसमें मुसलमानों के लिए नफरत भरी हुई है। जब ये बनी थी तो इसका मकसद था कि हिंदुस्तान सिर्फ हिंदुओं के लिए हो।

मैं नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान को कहना चाहता हूं कि मैं सारी दुनिया में कश्मीर का दूत बनकर जाऊंगा। दुनिया को बताऊंगा कि आरएसएस की असलियत क्या है। जिस तरह हिटलर और नाजसी पार्टी ने जर्मनी में लोगों पर जुल्म किया, ये भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं।

ये वो हिंदुस्तान बनने जा रहा है जो न नेहरू चाहते थे, न महात्मा गांधी। इसी आरएसएस की विचारधारा ने महात्मा गांधी का खून किया था।

कश्मीर अंतरराष्ट्रीय मसला बन गया है। पहले संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर की बात हुई और फिर पहली बार यूरोपीय संघ ने कहा कि कश्मीर का मसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मुताबिक होना चाहिए। जिसका मतलब है कि कश्मीरियों को जनमतसंग्रह के जरिए अपने भविष्य का फैसला करने का हक मिलेगा।

मैं अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में जा रहा हूं और अपने कश्मीरियों को मायूस नहीं करूंगा। कोई आज तक कश्मीरियों के लिए इस तरह नहीं खड़ा हुआ है जैसे मैं खड़ा होऊंगा।

जिन लोगों के ऊपर आप जुल्म कर रहे हैं वो इसके खिलाफ लड़ेंगे। जब जुल्म इंतेहा पर पुहंच जाता है तो हर इंसान फैसला करता है कि जिल्लत की जिंदगी से तो मौत अच्छी है।

याद रखें कि पाकिस्तान में कोई जेट आए या फौज आए, तो मैं बार-बार कहता हूं कि ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। ये वक्त है कि हिंदुस्तान के हिटलर को रोको। कश्मीरियों पर से कर्फ्यू हटाओ और उन्हें जनमतसंग्रह के जरिए फैसला करने का मौका दिया जाए।

विज्ञापन


मुझे ये पता है कि आप में से कई एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) की तरफ जाना चाहते हैं। आप में जज्बा और जुनून है। लेकिन, अभी एलओसी की तरफ मत जाना जब तक मैं आपको नहीं बताऊंगा। मैं आपको बताऊंगा कि कब जाना है। पहले मुझे संयुक्त राष्ट्र जाने दो। दुनिया के नेताओं को बताने दो, कश्मीर का केस लड़ने दो।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें