पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत अपने हिस्से के कश्मीर में जो कर रहा है उससे इंतहापसंदी यानी कि अतिवादी सोच पैदा होगी।
कश्मीर का मसला इंसानियत का मसला है। 40 दिनों से हमारे कश्मीरी भाई-बहन, बुर्जुग-बच्चे कर्फ्यू के नीचे हैं। मैं खासतौर पर नरेंद्र मोदी को ये पैगाम देना चाहता हूं कि सिर्फ एक बुजदिल इंसान ही दूसरे इंसानों पर जुल्म करता है।
आप इस जुल्म में कामयाब नहीं होंगे क्योंकि कश्मीर की आवाम में मौत का खौफ खत्म हो चुका है। उनका डर चला गया है, उन्हें आप शिकस्त नहीं दे सकते।
नरेंद्र मोदी बचपन से आरएसएस से जुड़े हुए हैं और आरएसएस वो जमात है जिसमें मुसलमानों के लिए नफरत भरी हुई है। जब ये बनी थी तो इसका मकसद था कि हिंदुस्तान सिर्फ हिंदुओं के लिए हो।
मैं नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान को कहना चाहता हूं कि मैं सारी दुनिया में कश्मीर का दूत बनकर जाऊंगा। दुनिया को बताऊंगा कि आरएसएस की असलियत क्या है। जिस तरह हिटलर और नाजसी पार्टी ने जर्मनी में लोगों पर जुल्म किया, ये भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं।
ये वो हिंदुस्तान बनने जा रहा है जो न नेहरू चाहते थे, न महात्मा गांधी। इसी आरएसएस की विचारधारा ने महात्मा गांधी का खून किया था।
कश्मीर अंतरराष्ट्रीय मसला बन गया है। पहले संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर की बात हुई और फिर पहली बार यूरोपीय संघ ने कहा कि कश्मीर का मसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मुताबिक होना चाहिए। जिसका मतलब है कि कश्मीरियों को जनमतसंग्रह के जरिए अपने भविष्य का फैसला करने का हक मिलेगा।
मैं अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में जा रहा हूं और अपने कश्मीरियों को मायूस नहीं करूंगा। कोई आज तक कश्मीरियों के लिए इस तरह नहीं खड़ा हुआ है जैसे मैं खड़ा होऊंगा।
जिन लोगों के ऊपर आप जुल्म कर रहे हैं वो इसके खिलाफ लड़ेंगे। जब जुल्म इंतेहा पर पुहंच जाता है तो हर इंसान फैसला करता है कि जिल्लत की जिंदगी से तो मौत अच्छी है।
याद रखें कि पाकिस्तान में कोई जेट आए या फौज आए, तो मैं बार-बार कहता हूं कि ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। ये वक्त है कि हिंदुस्तान के हिटलर को रोको। कश्मीरियों पर से कर्फ्यू हटाओ और उन्हें जनमतसंग्रह के जरिए फैसला करने का मौका दिया जाए।