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हिना रब्बानी बोलीं, 'भारत से युद्ध करके कश्मीर नहीं ले पाएगा पाकिस्तान'

Mon, 27 Jun 2016 02:34 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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- फोटो : getty
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आजादी से लेकर अब तक पाकिस्तान कश्मीर पर अपना अधिकार थोपने की लगातार नापाक कोशिशें करता आ रहा है, लेकिन अब पाक के इतिहास में शायद पहली बार किसी नेता ने कश्मीर को लेकर नरमी बरती है, और अपने ही मुल्क को सलाह दी कि भारत से युद्ध लड़कर पाकिस्तान कभी कश्मीर नहीं ले पाएगा। 
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पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में भारत-पाक संबंधों पर अपनी राय रखी। उनसे जब कश्मीर के बारे में सवाल किया गया तो खार ने बड़ी ही साफगोई से कह दिया कि पाकिस्तान भारत से युद्ध नहीं जीत पाएगा। पाकिस्तान ये सोचे भी नहीं कि युद्ध करके भारत से कश्मीर ले लेगा। खार ने कहा कि जब पाकिस्तान को इस स्थिति के बारे में पता है तो एक ही रास्ता बचता है, बातचीत का। 

खार ने टीवी चैनल पर ही बोलते हुए अपने मुल्क के हुक्मरानों को सलाह दी कि बातचीत के जरिए ही कश्मीर मुद्दे का कुछ हल निकल सकता है। खार ने बातचीत के जरिए ही भारत के साथ संबंधों को अच्छा बनाने पर जोर दिया। 
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खार साल 2011 से 2013 तक पाकिस्तान की विदेश मंत्री रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान खार भारत भी आई थीं। टीवी पर खार के इंटरव्यू से लग रहा है कि उन्हें पाक की वर्तमान सरकार के रुख से नाराजगी है। खार ने पाकिस्तान की विदेश नीति, भारत-अमेरिका और अफगानिस्तान के साथ रिश्तों पर पाक सरकार को लताड़ा।
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'60 वर्षों में हमने अपने बच्चों को पड़ोसी से नफरत करना सिखाया'

- फोटो : getty
खार ने पाकिस्तान की सरकार पर मिलिट्री की दखलंदाजी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुल्क की बेहतरी के लिए मिलिट्री को हर जगह टांग नहीं अड़ानी चाहिए। खार ने पाकिस्तान की मौजूदा विदेश नीति और विदेश मंत्रालय को सलाह दी कि देश हित में काम करें, खुद की पावर बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय सियासत न करे।   

खार ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि पाकिस्तान पीपल्स पार्टी जब सत्ता में थी तब हमने भारत के साथ संबंधों के सामान्य और मधुर बनाने के प्रयास किए, जबकि हमारी गठबंधन की सरकार थी। हमने वीजा नियमों में ढील दी और भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाया। खार ने कहा कि मुशर्रफ ने अपने कार्यकाल के दौरान कश्मीर मामले पर काफी नरमी बरती थी।

खार ने भारत की तारीफ में कहा कि अमेरिका अगर आज भारत के साथ दोस्ती गहरी कर रहा है तो ये भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में जनता की आस्था और भागीदारी के कारण है। अमेरिका इकोनॉमी के कारण भारत के करीब आ रहा है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अमेरिका पर निर्भरता जमीन से ज्यादा जेहन में है। भारत और अफगानिस्तान से पाकिस्तान की दुश्मनी का हवाला देते हुए खार ने कहा कि 60 वर्षों में हमने बच्चों को यही सिखाया है कि जो पास में है उससे नफरत करो। खार ने अपने पूरे इंटरव्यू में पाकिस्तान को लताड़ा और भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनाने की सलाह दी।

Published By Rohit Kumar Porwal
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