पाकिस्तान में प्रधानमंत्री पद की रस्साकस्सी के बाद अब राष्ट्रपति पद के लिए चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति पद के लिए आसिफ अली जरदारी का नाम सुझाया है। उनका कहना है कि जरदारी अगर राष्ट्रपति बनेंगे तो दोनों के बीच मजबूत समन्वय होगा। सहयोगी दलों के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज कार्यक्रम में शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ही पाकिस्तान के राष्ट्रपति बनेंगे।
अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता
कार्यक्रम में शरीफ ने पाकिस्तान की समस्याओं की तुलना हिमालय से की। हालांकि, उनका कहना है कि अगर मजबूत प्रतिबद्धता और ईमानदारी हो तो इन समस्याओं को दूर किया जा सकता है। उन्होंने अर्थव्यवस्था पर चिंता भी जाहिर की। शरीफ ने कहा कि गैस और बिजली संबंधित सर्कुलर ऋण की राशि पांच ट्रिलियन रूपये है। वहीं, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस पर 825 अरब रुपये का बकाया है। वहीं, बिजली चोरी 500 अरब रुपये तक पहुंच गई है। इन समस्याओं से निपटने के लिए वह देश के कर आधार को बढ़ाना चाहते हैं।
जरदारी ने समस्याओं को हल करने के लिए पीएम के साथ काम करने का किया वादा
इन सबके बीच, जरदारी ने समस्याओं को हल करने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ काम करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में पर्याप्त प्रगति से पाकिस्तान की समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। वहीं, बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में उनके पिता देश को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने अठारहवें संशोधन की प्रशंसा की करते हुए कहा कि यह देश के संवैधानिक इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि है।
पाकिस्तानी संसद की जानें स्थिति
पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के गठबंधन के बाद शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री के रूप में पाकिस्तान की सत्ता संभाली। 336 सदस्यीय सदन में गठबंधन को 201 वोट मिले, जो सदन का नेता बनने के लिए आवश्यक मतों से 32 अधिक हैं।