पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
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पाकिस्तान की आर्थिक तंगी किसी से छिपी नहीं है। आए दिन अपनी गरीबी का दुख सुनाकर आईएमएफ के सामने हाथ फैला देता है। अब पड़ोसी देश के इतने बुरे दिन आ गए है कि उसने सरकारी कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले रेड कार्पेट पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। दरअसल, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में अनावश्यक खर्च में कटौती करने के लिए यह कदम उठाया है। इसके तहत सरकारी कार्यक्रमों में रेड कार्पेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है और उन्हें राजनयिक स्वागत के लिए विशेष रूप से आरक्षित रखा है।
रेड कार्पेट के इस्तेमाल पर नाराजगी
शरीफ ने सरकारी कार्यक्रमों में संघीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की यात्राओं के दौरान रेड कार्पेट के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई।
सिर्फ विदेशी राजनयिकों के लिए होगा इस्तेमाल
कैबिनेट डिवीजन द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि भविष्य में आधिकारिक कार्यक्रमों में संघीय मंत्रियों और सरकारी हस्तियों के लिए रेड कार्पेट का उपयोग नहीं किया जाएगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, इसे सिर्फ विदेशी राजनयिकों के लिए प्रोटोकॉल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य धन की बचत करना
कहा जा रहा है कि रेड कार्पेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का सरकार का उद्देश्य धन की बचत करना और सार्वजनिक वित्त के लिए अधिक जिम्मेदार और विवेकपूर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।
अपना वेतन और भत्ता छोड़ने का फैसला
पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री शरीफ और कैबिनेट के सदस्यों ने धन जुटाने के सरकार के प्रयासों के तहत स्वेच्छा से अपना वेतन और भत्ता छोड़ने का फैसला किया था। पिछले महीने प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी प्राथमिका बेफिजूली खर्च को रोकना है।
इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने देश के सामने आर्थिक चुनौतियों के मद्देनजर वेतन और भत्ता नहीं लेने का फैसला किया था।