पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि खान का घर अब आतंकवादियों के प्रशिक्षण का केंद्र बन गया है। मरियम ने कहा कि उनके आवास पर पेट्रोल बम बनाए गए और राज्य पर हमलों की साजिश रची गई। मरियम ने दावा किया कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक ने जब चार महीने तक पैर में चोट लगने का नाटक कर रहे थे, तभी उन्होंने 9 मई, 2023 के सरकारी इमारतों और प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रची। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, मरियम ने अराजकता फैलाने और देश को नुकसाने पहुंचाने के लिए पीटीआई की निंदा की। पीएमएल-एन पार्टी के प्रमुख नवाज शरीफ की बेटी ने दावा किया कि इमरान का लाहौर का जमान पार्क स्थित घर आतंकवादियों के प्रशिक्षण का केंद्र बना गया है। इसी घर में पेट्रोल बम बनाए गए और देश में हमलों की साजिश रची गई।
इमरान का पोलीग्राफ परीक्षण के लिए जेल पहुंची फोरेंसिक टीम
इस बीच, एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने यह भी खबर दी कि देश में पिछले साल हुई अभूतपूर्व हिंसा के मामले में पॉलीग्राफ परीक्षण करने के लिए 12 सदस्यीय फोरेंसिक टीम आज अदियाला जेल पहुंची। खबर के मुताबिक पुलिस उपाधीक्षख के नेतृत्व में लाहौर पुलिस की टीम परीक्षण करने के लिए जेल परिसर पहुंची। उनके साथ पंजाब फोरेंसिक साइंस एजेंसी के विशेषज्ञ भी थे। ये विशेषज्ञ पूर्व प्रधानमंत्री पर पॉलीग्राफ, वॉय मैचिंग और फोटोग्रामेट्री परीक्षण करेंगे। वहीं, लाहौर पुलिस की टीम खान से नौ मई घटना के विभिन्न पहलुओं के बारे में पूछताछ करेगी।
पाकिस्तान सरकार ने पीटीआई के केंद्रीय कार्यालय को सील किया
उधर, पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप में पीटीआई के केंद्रीय कार्यालय को सील कर दिया है। इस्लामाबाद के महानगर निगम ने पीटीआई और इमरान खान के सामने बढ़ती कानूनी चुनौतियों के बीच सोमवार को यह कार्रवाई की। अधिकारियों ने राजधानी के जी8-4 इलाके में स्थित इमारत के गेट पर नोटिस चिपका दिया है। स्थानीय मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर वाले नोटिस में कहा गया है कि इमरात को इस्लामाबाद फायर प्रिवेंशन एंड लाइफ सेफ्टी रेगुलेशन, 2010 की धारा 5 (3) के तहत सील किया गया है।
पाकिस्तान ने बढ़ाई ईसाई धर्म में विवाह की न्यूनतम आयु सीमा
पाकिस्तान ने मंगलवार को 1872 में बनाए गए कानून में संशोधन करके इस्लामी राष्ट्र में ईसाई पुरुषों और महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम कानूनी आयु बढ़ाकर 18 वर्ष कर दी। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संविधान के अनुच्छेद 75 के तहत ईसाई विवाह (संशोधन) अधिनियम 2024 को मंजूरी दे दी। एक समाचार चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, यह अधिनियम 1872 के ईसाई विवाह अधिनियम की धारा 60 में संशोधन करता है। नए कानून के तहत, ईसाई समुदाय में पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए विवाह की कानूनी आयु अब 18 वर्ष निर्धारित की गई है। पहले, विवाह करने के इच्छुक ईसाई पुरुषों और महिलाओं की आयु क्रमशः 16 और 13 वर्ष थी। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने इस महीने की शुरुआत में विवाह के लिए न्यूनतम कानूनी आयु बढ़ाकर 18 वर्ष करने को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। समाचार चैनल ने राष्ट्रपति सचिवालय प्रेस विंग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए बताया कि ईसाई विवाह (संशोधन) अधिनियम 2024 को कानून में हस्ताक्षरित करने के बाद ऐवान-ए-सदर में एक विशेष समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि सभी अल्पसंख्यक पाकिस्तान के समान नागरिक हैं, जिनके समान अधिकार हैं।