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Pakistan: सेना प्रमुख ने ईद से पहले दिखाई दरियादिली, नौ मई को हुई हिंसा में गिरफ्तार 20 लोगों को किया रिहा

Tue, 09 Apr 2024 12:57 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रमुख खान को गिरफ्तार करने के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों में कथित शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया था। अब 103 नागरिकों से जुड़े मुकदमे में नया फैसला आया है।
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Court Order of pakistan
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विस्तार
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बीते साल नौ मई को हुई हिंसा के मामले में एक नया मोड़ आया है। दरअसल, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन लोगों को सैन्य अदालतों ने सजा दी थी। हालांकि अब ईद को देखते हुए कम से कम 20 लोगों को रिहा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर द्वारा माफ किए जाने के बाद इन लोगों को छोड़ा गया है। 

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इंट्रा-कोर्ट अपील (आईसीए) के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही थी। छह सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति अमीनुद्दीन खान, न्यायमूर्ति मुहम्मद अली मजहर, न्यायमूर्ति सयैद हजहर हसन रिजवी, न्यायमूर्ति शाहीद वाहिद, न्यायमूर्ति मुसरत हिलाली और न्यायमूर्ति इरफान सादत खान शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को इन कैदियों को रिहा किया है।

28 मार्च को दिया था आदेश
पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के प्रमुख खान को गिरफ्तार करने के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों में कथित शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया था। अब 103 नागरिकों से जुड़े मुकदमे में नया फैसला आया है। 28 मार्च को हुई पिछली सुनवाई के दौरान, अदालत ने सैन्य अधिकारियों को सशर्त रूप से संदिग्धों के फैसले की घोषणा करने की अनुमति दी थी, जिन्हें ईद त्योहार से पहले रिहा किया जा सकता था।
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इसलिए किया रिहा
अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके 28 मार्च के निर्देशों के अनुपालन में, सैन्य अदालतों को मुकदमे को फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 20 लोगों को एक साल की सजा सुनाई गई थी, जिनमें से 17 ने साढ़े 10 महीने और तीन व्यक्तियों ने साढ़े नौ महीने की सेवा की थी। चूंकि उनमें से अधिकांश ने लगभग 10 महीने जेल में बिताए थे, इसलिए सेना प्रमुख ने शेष अवधि माफ कर दी थी। इनमें से चार खैबर पख्तूनख्वा के हैं जबकि अन्य 16 पंजाब के हैं। उन्हें छह और सात अप्रैल को अपने-अपने प्रांतों में रिहा कर दिया गया था।

क्या हुआ था नौ मई को?
दरअसल, 9 मई, 2023 को भ्रष्टाचार एक मामले में इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। खान को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया था। अधिकारियों का आरोप है कि खान और उनकी पत्नी ने एक चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए एक रियल एस्टेट कारोबारी से रिश्वत के रूप में लाखों डॉलर की जमीन हासिल की। 

उनकी गिरफ्तारी के बाद लाहौर, कराची और इस्लामाबाद सहित कई शहरों में बड़े पैमाने पर और हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे। बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ता कोर कमांडर लाहौर आवास पर घुस गए थे। पंजाब प्रांत में आपातकाल लागू कर दिया गया था और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स को बुलाया गया था। धारा 144 भी लगाई गई थी, जिसके तहत एक बिंदु पर पांच से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते थे।

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