पाकिस्तान के मीडिया नियामक प्राधिकरण ने इस्लामाबाद में एक संबोधन के दौरान एक पुलिस अधिकारी और एक महिला मजिस्ट्रेट को धमकी देने के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान के लाइव भाषणों के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। PEMRA ने अपनी अधिसूचना में कहा कि इमरान खान का भाषण हमारे प्राधिकरण नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा इमरान का भाषण संविधान के अनुच्छद 19 भी का उल्लंघन है। पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीईएमआरए) ने कहा है कि इमरान के रिकॉर्ड किए गए भाषण को प्रभावी निगरानी और संपादकीय नियंत्रण सुनिश्चित करने के बाद ही प्रसारित होने की अनुमति होगी।
इमरान ने शाहबाज गिल के समर्थन में रैली में दी थी धमकी
बता दें कि इमरान खान ने जेल में बंद इमरान के करीबी नेता शाहबाज गिल के समर्थन में एक रैली निकाली थी। जिसमें इमरान ने यह बयान दिया था। गिल को एक निजी टीवी चैनल पर देश के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। इमरान ने कहा कि अगर गिल के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है, तो फजलुर रहमान, नवाज शरीफ और राणा सनाउल्लाह को भी न्यायिक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। खान ने कहा कि गिल के साथ जो हुआ वह उनके द्वारा कही गई बातों के कारण नहीं था, यह बदले की राजनीति के तहत हुआ है।
क्या सरकारी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा करने के कारण PEMRA ने लिया एक्शन
PEMRA ने उस समय यह फैसला लिया जब इमरान खान ने जेल में बंद पीटीआई नेता शाहबाज गिल के ऊपर अत्याचार को लेकर इस्लामाबाद के महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक और महिला मजिस्ट्रेट के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। बताया जा रहा है कि इमरान खान के खिलाफ और भी पाबंदी लगाई जा सकती है।
इमरान खान ने सेनाध्यक्ष की नियुक्ति पर उठाया सवाल
इमरान खान ने पाकिस्तान में मौजूदा स्थिति को सेनाध्यक्ष की नियुक्ति से जोड़ा और इसे "दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया कि देश में सब कुछ एक नियुक्ति के लिए हो रहा था। पूर्व प्रधानमंत्री ने संघीय राजधानी में सोशल मीडिया प्रभावितों से बातचीत में कहा कि सेना प्रमुख की नियुक्ति योग्यता के आधार पर की जानी चाहिए।
इमरान की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने रविवार को कहा कि सरकार राज्य के संस्थानों को धमकी देने और भड़काऊ बयान देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ मामला दर्ज करने पर विचार कर रही है। सरकार खान के खिलाफ कोई भी मामला शुरू करने से पहले कानूनी सलाह ले रही है। इससे पहले इमरान खान ने शनिवार को यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए अपने सहयोगी शाहबाज गिल के साथ हुए व्यवहार को लेकर शीर्ष पुलिस अधिकारियों, एक महिला मजिस्ट्रेट, पाकिस्तान के चुनाव आयोग और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की धमकी दी थी।
सीपीईसी परियोजनाओं पर तैयार की योजना
इस बीच पाकिस्तान विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के बीच चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की पांच परियोजनाओं की कुल लागत का 20 प्रतिशत केंद्रीय बैंक में जमा के रूप में लेने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इस प्रस्ताव पर उच्चतम स्तर पर बात हुई है और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे और दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
आतंकी साजिश से जुड़ी खबरों को खारिज किया
वहीं, पाकिस्तान ने मीडिया में किए गए उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कुछ घटनाओं को भारत के खिलाफ कथित आतंकी साजिश बताया गया था। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय (एफओ) ने कहा कि मीडिया में हाल में आतंकवाद से संबंधित गलत दावे किए जा रहे हैं।