पाकिस्तान की एक जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उन पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएलएन) के सुप्रीमो नवाज शरीफ ने साल 2013 में साजिश रचने का आरोप लगाया है। शरीफ का कहना है कि 11 साल पहले चुनाव के बाद सहयोग का आश्वासन देने के बावजूद विरोध रैलियां निकालकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक खान ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था।
साल 2013 में सत्ता संभालने के बाद...
लाहौर में पीएमएलएन की केंद्रीय कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को संबोधित करते हुए नवाज ने कहा कि साल 2013 में सत्ता संभालने के बाद वह इमरान से मिलने बनीगाला स्थित उनके आवास पर गए थे। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेता देश की खातिर कामकाजी रिश्ते पर सहमत हुए थे।
अगर आपत्ति थी तो बता देते: शरीफ
शरीफ ने आगे कहा कि इमरान मुलाकात के कुछ दिन बाद अन्य नेताओं के साथ लंदन गए थे। वहां उन्होंने साजिश रची। वापस लौटने पर देश में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। उन्होंने कहा कि वह इस इस घटनाक्रम से हैरान रह गए थे। नवाज ने कहा कि अगर खान या पीटीआई को किसी बात से आपत्ति थी, तो उन्हें हमें इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
एक रिपोर्ट में नवाज का हवाला देते हुए कहा गया, 'मैं आपसे मिलने जाता हूं और आप सहयोग का आश्वासन देकर मेरी पीठ में छुरा घोंपते हैं। फिर आप इस्लामाबाद के डी-चौक पर विरोध प्रदर्शन शुरू करते हैं?' उन्होंने कहा कि उनके मंत्रिमंडल ने भी पुलिस द्वारा विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई करने का आह्वान किया था, लेकिन उन्होंने पुलिस से ऐसा करने से बचने को कहा।
पाकिस्तान को बर्बाद कर दिया
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि यह 'रिकॉर्ड में दर्ज' है कि उनकी सरकार ने 2013 के चुनावों के बाद खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई सरकार के गठन में बाधा नहीं डाली थी, जबकि वह गठबंधन के माध्यम से ऐसा कर सकते थे। पीएमएलएन प्रमुख ने कहा कि हम उन लोगों की जवाबदेही तय करने का आह्वान करते हैं, जिन्होंने पाकिस्तान को बर्बाद कर दिया।
लोग वोट डालने से पहले करें विचार
नवाज ने लोगों से कहा कि उन्हें वोट डालने से पहले इन सब पहलुओं पर विचार करना चाहिए। शरीफ ने आगे कहा, 'मुझे अपने मुल्क से यह सवाल पूछने का हक है कि आप मतदान से पहले नवाज शरीफ के प्रदर्शन और उनके विरोधियों के बारे में क्या सोचते हैं? देश को इसका उत्तर देना चाहिए। मुझे देश की जनता से थोड़ी शिकायत है। बेटे से वेतन नहीं लेने के झूठे मामले में एक प्रधानमंत्री को हटा दिया जाता है और देश चुप रहता है, यह सही नहीं है।'
बैठक को संबोधित करते हुए नवाज ने कहा कि पार्टी के खिलाफ झूठे मामलों का पर्दाफाश हो गया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने देश के भाग्य में बदलाव की भी भविष्यवाणी की।