पहले भी पीएमएल-एन में शामिल हुआ निर्दलीय सदस्य
इससे एक दिन पहले, इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी समर्थित एक और निर्दलीय सदस्य पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) में शामिल हुआ था। अब तक नेशनल असेंबली के दो निर्दलीय सदस्य पीएमएल-एन में शामिल हो चुके हैं। पाकिस्तान की सियासत में सेना का दखल किसी से ढका छिपा नहीं है। ऐसे में कई राजनीतिक विश्लेष्कों का मानना है कि निर्दलीय सदस्यों को पीएमएल-एन में शामिल कराना सेना की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
नवनिर्वाचित निर्दलीय सदस्यों ने शहबाज से मुलाकात
पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने सोमवार को एक पोस्ट किया। जिसमें उन्होंने बताया कि एनए-189 से सरदार शमशीर मजारी, पीपी-195 से इमरान अकरम, पीपी-240 से सोहेल खान, पीपी-297 से खिज्र हुसैन मजारी और पीपी-249 से साहिबजादा मोहम्मद काजिन अब्बासी ने नवाज शरीफ से मुलाकात की है। शहबाज ने कहा कि सभी सदस्यों ने नवाज शरीफ के नेतृत्व में भरोसा जताया और पीएमएल-एन में शामिल होने का एलान किया।
पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्या कहा
पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज ने लिखा, आप (पीएमएल-एन में शामिल होने वाले अन्य दलों के सदस्य) पाकिस्तान को खूबसूरत बनाने और लोगों को मुश्किलों से बाहर निकालने के लिए एक कारवां का हिस्सा बन गए हैं। पीएमएल-एन का पहला एजेंडा देश की आर्थिक समृद्धि है। नेशनल असेंबली के नवनिर्वाचित सदस्यों ने देश के लिए नवाज शरीफ के योगदान और जुनून की सराहना की। पाकिस्तान को नवाज शरीफ की ईमानदारी, विकास के एजेंडे, सेवा का अनुभव और नवनिर्वाचित सदस्यों की वार्ता की जरूरत है।
प्रांतीय चुनाव-नेशनल असेंबली में पीएमएल-एन सबसे बड़ी पार्टी
नेशनल असेंबली और चार प्रांतों के चुनाव में पीएमएल-एन 227 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 160 सीट मिली हैं और वह दूसरे स्थान पर रही। जबकि, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) 45 सीट के साथ तीसरे स्थान पर रही।
नेशनल असेंबली में सबसे ज्यादा निर्दलीय सदस्य
नेशनल असेंबली में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 101 सीट पर जीत हासिल की है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अगुवाई वाली पीएमएल-एन को 75 सीट मिलीं। जबकि, पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की पीपीपी को 54 और एमक्यूएम-पी 17 सीट मिलीं। अन्य सियासी दलों में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई) ने चार, पीएमएल-कायद ने तीन और इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान (आईपीपी) और बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) ने दो-दो सीट पर जीत हासिल की है। सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को नेशनल असेंबली की 265 सीट में से 133 सीट पर जीत हासिल करनी होगी।