पड़ोसी देश पाकिस्तान में आम चुनावों के वोटों की गिनती जारी है। बड़े पैमाने पर हुई हिंसा और पाबंदियों के बीच हुई चुनाव के परिणामों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई। अब तक के नतीजों में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और जेल में बंद इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थन से लड़ रहे उम्मीवार आगे चल रहे हैं। अब तक के चुनाव परिणामों में पाकिस्तान की राजनीति के कई बड़े चेहरों ने जीत हासिल की है जबकि कुछ बड़ नामों को हार का भी सामना करना पड़ा है। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन की उम्मीदवार मरियम नवाज शरीफ, शहबाज शरीफ और हमजा शरीफ नेशनल असेंबली के लिए चुन लिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बिलावल भुट्टो जरदारी और खुर्शीद शाह जैसे बड़े नाम भी चुनाव जीत गए हैं।
अब तक के चुनाव परिणामों में पीटीआई समर्थित उम्मीदवार 24 सीटों पर आगे चल रहे हैं। वहीं पीएमएल-एन और पीपीपी के उम्मीदवार 18-18 सीटों पर आगे चल रहे हैं। पाकिस्तान में बहुमत हासिल करने के लिए पार्टियों को 134 सीटों की जरूरत है। कुल 5,121 उम्मीदवार पंजीकृत 167 राजनीतिक दलों या स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में हैं। चुनाव लड़ने वाली प्रमुख पार्टियां देखें तो पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) (पीएमएल-एन) तो बिलावल भुट्टो और आसिफ अली जरदारी के नेतृत्व वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) हैं। इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चुनाव चिह्न को चुनाव आयोग ने फ्रीज कर दिया है। इस वजह से पीटीआई के उम्मीदवार बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने शुक्रवार को आम चुनावों में जीत का दावा किया और आरोप लगाया कि नतीजों में धांधली करने के लिए नतीजों में देरी की जा रही है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने एक बयान में पीएमएल-एन के सर्वोच्च नेता नवाज शरीफ से हार स्वीकार करने के लिए कहा, जो प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। पीएमएल-एन ने हालांकि इस मांग को खारिज कर दिया और दावा किया कि वह गुरुवार को होने वाले चुनाव में जीत दर्ज कर रही है। धांधली, छिटपुट हिंसा और देशव्यापी मोबाइल फोन बंद होने के आरोपों के बीच गुरुवार को हुए आम चुनाव के बाद भी पाकिस्तान में वोटों की गिनती जारी है।
1. बिलावल भुट्टो जरदारी- जीते