राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर भारत के अलावा विदेश में भी उत्सव मनाए गए। ताइवान के विदेश मंत्री भी मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने भारत को बधाई दी। इसके अलावा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने भी अयोध्या के उत्सव पर बयान दिया।
अयोध्या के राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश में श्रद्धालुओं के बीच उल्लास है। भारत के बाहर रहने वाले श्रद्धालु भी उत्सव मना रहे हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी इस पर बयान दिया है। ताइवान के विदेश मंत्री ने जोसेफ वू ने भारत में आयोजित समारोह को मंत्रमुग्ध करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया दो हिस्सों में बंटी दिख रही है। एक समूह उनका है जो भारत से प्यार करने जा रहे हैं और दूसरा वह समूह है जिनको अयोध्या की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद भारत से प्यार हो जाएगा।
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विदेश मंत्री मंत्रमुग्ध
ताइवान के विदेश मंत्री वू ने गहरी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि भौगोलिक सीमाओं से परे भारत का दृश्य बेहद मनोरम है। ताइवान-एशिया एक्सचेंज फाउंडेशन की सदस्य सना हाशमी ने आयोजन के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर भारतीय जनता को हार्दिक बधाई दी। बता दें कि राम मंदिर के बहुप्रतीक्षित प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की पूर्व संध्या पर ताइवान में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। ताइवान में रहने वाला भारतीय समुदाय उत्सव में डूबा दिखा। रविवार को आयोजित उत्सव में इस्कॉन ताइवान के की सक्रिय भूमिका रही।
पाकिस्तान का भी बयान
ताइवान के अलावा पाकिस्तान ने भी अयोध्या पर बयान दिया। राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा को भारत में बढ़ते बहुसंख्यकवाद का संकेत बताते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, पिछले 31 वर्षों की घटनाओं का नतीजा है कि आज राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा हुई। यह बढ़ते बहुसंख्यकवाद और भारतीय मुसलमानों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हाशिए पर धकेलने के प्रयास हैं। विदेश मंत्रालय ने भारत में हिंदुत्व की विचारधारा का बढ़ता ज्वार, धार्मिक सद्भाव और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया। पाकिस्तान ने भारत सरकार से धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पवित्र स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की।