पाकिस्तान के बार-बार इस तरह के बेतुके बयान का भारत खंडन करता रहा है। नई दिल्ली ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहे हैं और रहेंगे।
पाकिस्तान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का राग अलापा। बार-बार मुंह की खाने के बावूजद अपनी हरकतों से बाज नहीं आने वाला पाकिस्तान बार-बार कश्मीर पर बेतुका बयान देने से बाज नहीं आ रहा है। इस बार तो यहां तक कह डाला कि भारत को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को पलटना चाहिए और मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए उसके साथ बातचीत करनी चाहिए।
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हालांकि, पाकिस्तान की कायराना हरकतों को देखते हुए पहले से ही अंदजा लगाया जा रहा था कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र की आम बहस में अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे। शरीफ ने 20 मिनट से अधिक के भाषण में कश्मीर के बारे में बहुत कुछ कहा। हालांकि, उनकी एक बात हकीकत के आसपास भी नहीं थी।
अपनी आदत से मजबूर पाकिस्तान के पीएम ने कहा कि फलस्तीन के लोगों की तरह जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भी अपनी आजादी और खुद फैसला लेने के अधिकार के लिए एक सदी तक संघर्ष किया है। अनुच्छेद 370 का जिक्र करते हुए शरीफ ने कहा कि स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए भारत को अगस्त 2019 के फैसले को वापस लेना चाहिए।
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पाकिस्तान के बार-बार इस तरह के बेतुके बयान का भारत खंडन करता रहा है। नई दिल्ली ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहे हैं और रहेंगे। भारत ने पाकिस्तान से कश्मीर मुद्दे को उठाने और बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपने आंतरिक मामलों को सुलझाने पर ध्यान देने को भी कहा है।