आंतरिक मामलों के मंत्री ने कहा कि रिहा किए गए आतंकी सीमा पार अफगानिस्तान भाग गए और वहां से हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की साजिश रचने वालों में से ज्यादातर समझौते के तहत रिहा किए गए थे।
पाकिस्तान में लगातार हो रहे आतंकवादी हमलों को लेकर मंगलवार को सरकार ने बड़ी जानकारी दी है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि देश में हाल में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल अधिकांश आतंकवादियों को पिछली सरकार में किए गए समझौते के तहत रिहा किया गया था।
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आंतरिक मामलों पर सीनेट की स्थायी समिति को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि रिहा किए गए आतंकी सीमा पार अफगानिस्तान भाग गए और वहां से हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की साजिश रचने वालों में से ज्यादातर समझौते के तहत रिहा किए गए थे। उन्होंने कहा कि गृह सचिव अफगानिस्तान का दौरा करके सरकार को सभी सबूत मुहैया करा चुके हैं और उनसे कार्रवाई करने का आग्रह कर चुके हैं।
नकवी ने आतंकवादियों की रिहाई के लिए समझौते की जानकारी नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान सरकार ने 2021 में काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद बातचीत के बाद आतंकवादियों को रिहा किया था। इमरान खान ने अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी पर खुशी जाहिर की थी और कहा था कि उन्होंने गुलामी की बेड़ियां तोड़ दी हैं।
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दरअसल पाकिस्तान को बहुत उम्मीदें थीं कि काबुल में तालिबान शासन उसके सुरक्षा मुद्दों का समाधान करेगा, लेकिन तालिबान के सत्ता में आने के बाद से स्थिति खराब हो गई है और आतंकवादी हमले कई गुना बढ़ गए। नकवी ने बताया कि अफगानिस्तान में कई हमलों की योजना बनाई जा रही थी। इसमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादी भी शामिल हैं। बलूचिस्तान में बस में हुए हमले में 50 लोगों की हत्या को लेकर उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठनों के समूहों ने हमलों की योजना बनाई थी।
उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान में सैन्य अभियान की योजना नहीं है और खैबर-पख्तूनख्वा में खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया जा रहा है। हम आतंकवाद को जल्द दूर करके रहेंगे।