पाकिस्तान में बचे हुए अफगानी नागरिकों को वापस भेजने की तैयारी लगभग-लगभग पूरी हो चुकी है। इसकी जानकारी पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को दी। सेना ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने अफगान नागरिकों को 31 मार्च तक की समयसीमा से पहले अफगनिस्तान भेजने की पूरी तैयारी कर ली है। बता दें कि इस बात का खुलासा पाकिस्तान में शुक्रवार को हुए एक उच्च स्तरीय बैठक में हुई, जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने की।
बैठक में अधिकारियों ने दी जानकारी
बैठक को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि अफगान नागरिकों को हिरासत में लेने के लिए होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही गृह मंत्री ने कहा कि संघीय सरकार इस प्रक्रिया में प्रांतों के साथ पूरी तरह से समन्वय कर रही है। इसके अलावा, गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने प्रत्यावर्तन के दौरान किसी भी समस्या को हल करने के लिए प्रांतों का दौरा करने का निर्णय लिया है।
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घर-घर जागरूकता अभियान
अधिकारियों ने यह भी बताया कि अफगान नागरिकों के प्रत्यावर्तन के बारे में घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और उनकी सूची तैयार कर ली गई है। 31 मार्च के बाद, पाकिस्तान में अवैध रूप से रहने वाले अफगान नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। जो लोग अवैध अफगानों को किराए पर जगह देंगे, उन्हें भी परिणाम भुगतने होंगे। इसके साथ ही तलाशी अभियान चलाए जाएंगे और अवैध अफगानों के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड भी रखे जाएंगे।
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पाकिस्तान सरकार ने जारी किया था अफगान
गौतरलब है कि बीते जनवरी 2024 को बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने अफगान नागरिकों के लिए एक फरमान जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि अफगानी नागरिकों को मार्च के अंत तक पाकिस्तान छोड़ना होगा। साथ ही पाकिस्तानी सरकार ने चेतावनी भी दी थी कि अगर अफगानी नागरिक ऐसा नहीं करते है तो उन्हें निर्वासन का सामाना करना पड़ेगा। इसके बाद बात जब समय सीमा बढ़ाने की हुई तो अफगान सरकार और मानवधिकार संगठन के अनुरोध के बावजूद पाकिस्तान सरकार ने समयसीमा नहीं बढ़ाई।