ब्रिटेन में अपना स्व-निर्वासन समाप्त करने जा रहे तीन बार प्रधानमंत्री रहे शरीफ के अगले साल जनवरी में संभावित आम चुनावों में अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) का नेतृत्व करने की उम्मीद है।
शरीफ 2019 से लंदन में हैं। सात साल की सजा के बीच चिकित्सा आधार पर वह बीच में लंदन चले गए। इन चार वर्षों में नवाज को अल अजीजिया और एवनफील्ड भ्रष्टाचार मामलों में भगोड़ा घोषित किया गया था। डॉन अखबार ने रविवार को खबर दी कि लाहौर के जिला प्रशासन ने पीएमएल-एन को रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी है।
लाहौर के जिला प्रशासन ने कहा, 'संवैधानिक पदों, सशस्त्र बलों, न्यायपालिका के खिलाफ कोई भाषण नहीं दिया जाएगा।' उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का प्रदर्शन और 'आपत्तिजनक नारों' के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
पिछले महीने पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने पुष्टि की थी कि उनके बड़े भाई 21 अक्तूबर को देश लौट रहे हैं। इसके बाद पीएमएल-एन ने घोषणा की कि नवाज लंदन से लौटने पर 'हर तरह की परिस्थितियों' का सामना करने के लिए तैयार हैं।
शरीफ फिलहाल सऊदी अरब में हैं और वह 21 अक्तूबर को दुबई के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे और मीनार-ए-पाकिस्तान में एक रैली को संबोधित करेंगे। खबर में कहा गया है कि उनकी कानूनी टीम अगले सप्ताह उनकी सुरक्षात्मक जमानत के लिए आवेदन कर सकती है।
नवाज की वापसी से पहले पीएमएल-एन पार्टी सुप्रीमो के 'ऐतिहासिक स्वागत' की तैयारी कर रही है। शहबाज ने हाल के दिनों में कई रैलियों को संबोधित किया है और मीनार-ए-पाकिस्तान कार्यक्रम के लिए समर्थन जुटाने के लिए व्यापारियों के साथ बैठकें की हैं।
पीएमएल-एन नवाज की घर वापसी पर लाहौर में शक्ति प्रदर्शन को पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम मानती है। पीएमएल-एन के प्रवक्ता बिलाल यासीन को 14 अक्तूबर को लिखे पत्र में लाहौर के उपायुक्त ने कहा कि प्रस्तावित स्थल पर अनुमति आयोजक द्वारा यह हलफनामा देने के बाद दी गई कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में वे पूरी जिम्मेदारी लेंगे।