पाकिस्तान में अगले वर्ष आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव के लिए नौकशाहों को रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के रूप में नियुक्त करने के चुनाव आयोग के फैसले को निलंबित कर दिया है। पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान यह फैसला लिया है। जिसके बाद से पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर तमाम प्रतिक्रियाएं दी हैं, साथ ही कुछ दलों ने इसे चुनाव स्थगित करने की साजिश करार देते हुए गलत कहा है।
लाहौर उच्च न्यायालय ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यपालिका से नौकरशाहों को रिटर्निंग ऑफिसर और जिला रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त करने करने के चुनाव आयोग पाकिस्तान के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अली बकर नजफी ने कहा कि तथ्यात्मक आधार पर याचिकाकर्ता (पीटीआई) की राजनीतिक पार्टी के लिए समान अवसर की स्पष्ट अनुपस्थिति सभी को दिखाई देती है और कई स्वतंत्र समूहों ने भी इसे गंभीरता से नोट किया है।
'चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव नहीं करवा सकता'
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कई आरोपों में जेल में बंद इमरान खान और अन्य पीटीआई नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के जेल के अंदर बंद होने या भूमिगत हो जाने से उनकी राजनीतिक पार्टी द्वारा चुनाव प्रचार करना एक बड़ा सवालिया निशान होगा। न्यायाधीश ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता की यह आशंका कि ईसीपी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं करा सकता है, सही प्रतीत होती है क्योंकि आरओ, डीआरओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) पूरे देश में प्रशासन के वर्तमान में तैनात सदस्यों में से नियुक्त किए जाते हैं।
शहबाज शरीफ का दावा, 'यह पीटीआई की साजिश'
लाहौर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पाकिस्तान चुनाव आयोग ने गुरुवार को आरओ, डीआरओ, एआरओ की ट्रेनिंग रोक दी है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने फैसले की आलोचना की। पीएमएल-एन के अध्यक्ष और पूर्व प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को एक बयान में कहा, यह चुनाव स्थगित करने के लिए इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की साजिश है।
वहीं तहरीक-ए-इंसाफ(पीटीआई) ने आरोप लगाया है कि सैन्य प्रतिष्ठान 'लंदन योजना' के तहत अपने कठपुतली नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित करने के लिए दिखावटी चुनाव चाहता है। बता दें पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव होने हैं, लंदन में चार साल का निर्वासन खत्म करने के बाद नवाज शरीफ 21 अक्तूबर को देश लौट आए हैं। वहीं दूसरी ओर, इमरान खान, इस वर्ष अगस्त से कई मामलों में जेल में बंद हैं।