सुनवाई में नहीं पहुंचे ईसीपी के वकील
अदालत ने ईसीपी को यह नोटिस ऐसे समय में दिया है जब देश में आगामी वर्ष फरवरी माह में आम चुनाव होने जा रहे हैं। पांच सदस्यीय पीठ ने यह भी कहा कि वह औपचारिक रूप से सुनवाई से पहले याचिका के अधिकार क्षेत्र पर फैसला करेगी। पीठ ने ईसीपी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील की गैर-हाजिरी में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया और सुनवाई को स्थगित कर दिया।
तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए गए थे इमरान
इमरान खान को प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मिले उपहारों का विवरण छिपाने के लिए तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री को आठ अगस्त को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इमरान चाहते हैं कि उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई हो क्योंकि वह आम चुनाव लड़ना चाहते हैं, जिसके लिए ईसीपी द्वारा आठ फरवरी की तारीख घोषित की गई है।
इससे पहले, इस्लामाबाद की एक निचली अदालत ने उन्हें 'जानबूझकर राष्ट्रीय खजाने से मिले लाभ को छिपाकर भ्रष्ट आचरण' का दोषी पाया था। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 29 अगस्त को इस मामले में खान की सजा निलंबित कर दी थी।
पूर्व प्रधानमंत्री ने अपनी याचिका में क्या कहा
पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार की खबर के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में दायर एक याचिका में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि तोशाखाना उपहारों के लिए उनके स्पष्टीकरण के बावजूद ईसीपी ने मियांवाली के एनए-95 निर्वाचन क्षेत्र से नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में उन्हें अवैध रूप से हटाया और निर्देश दिया कि उनके खिलाफ चुनाव अधिनियम 2017 के तहत शिकायत दर्ज की जाए।
अगला आम चुनाव लड़ना चाहते हैं पीटीआई प्रमुख
इमरान खान 2018 में पंजाब प्रांत के मियांवाली से नेशनल असेंबली के लिए चुने गए थे। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि उनकी अयोग्यता गैरकानूनी है और इसे रद्द किया जाए ताकि वह आगामी आम चुनाव लड़ सकें।