अल जसरा को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल
अधिकारी ने बताया कि मिसाइल संभवत: अल जसरा (मालवाहक) को निशाना बनाकर दागी गई थी। दागी गई एक और मिसाइल दोनों जहाजों से चूक गई। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर खुफिया मामलों पर चर्चा करते हुए यह बात कही। वहीं, एमएससी मालवाहक जहाज के संचालक ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इस्राइल-हमास युद्ध के जवाब में हूतियों ने तेज किए हमले
हूती विद्रोहियों के इन हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इन विद्रोहियों ने हाल के दिनों के सिलसिलेवार मिसाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है। लाल सागर में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। हूती विद्रोहियों ने ये हमले इस्राइल-हमास युद्ध और गाजा पट्टी को निशाना बनाने वाले हवाई और जमीनी हमलों के जवाब में तेज किए हैं। निजी खुफिया फर्म एम्ब्रे ने भी अल जसरा पर पहले हुए हमले की पुष्टि की है। एम्ब्रे ने कहा, मिसाइल कथित तौर पर जहाज के बंदरगाह वाले हिस्से से टकराया और इसके प्रभाव के कारण एक कंटेनर पानी में गिर गया।
यूकेएमटीओ ने दी सावधानी बरतने की चेतावनी
ब्रिटेन की सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने भी पहले हुए हमले की पुष्टि की है और जहाजों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी। यूकेएमटीओ मिडिल ईस्ट शिपिंग लेन की निगरानी करता है। इसने कहा कि अल जसरा पर हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
चालक दल की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करेगा हैपग-लॉयड
अल जसरा का संचालन करने वाली जर्मनी की कंपनी हैपग-लॉयड ने कहा, हमले में चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ है। कंपनी ने कहा, हैपग-लॉयड अपने चालक दल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपाय करेगा। यह स्पष्ट नहीं है कि हमले में ड्रोन शामिल था या मिसाइल। हालांकि, एम्ब्रे ने कहा कि हैपग-लॉयड को अश्दोद, हाइफा और तेल अवीव के इस्राइली बंदरगाहों के कार्यालय होने के लिए जाना जाता है। गुरुवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जो जलडमरूमध्य के माध्यम से यात्रा करने वाले एक कंटेनर जहाज से चूक गई।