मलयेशिया के सुल्तान अब्दुल्ला ने कोरोना वायरस संबंधी आपात कदमों की स्थिति पर संसद को गुमराह करने को लेकर प्रधानमंत्री यासीन की सरकार को बृहस्पतिवार को फटकार लगाई थी।
मलयेशिया की संसद दो सप्ताह तक बंद करने के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने सोमवार को मार्च करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
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बता दें कि संसद के एक अहम सत्र को प्रधानमंत्री मुहिद्दीन यासीन ने स्थगित कर दिया है और अब संसद दो सप्ताह के लिए बंद रहेगी। विपक्षी सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए इसे प्रधानमंत्री की एक और चाल बताया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि संसद को उच्च जोखिम वाला एक स्थान माना जा सकता है क्योंकि कर्मचारियों में पाए गए कोविड -19 के 11 मामलों में से चार मामलों के तेजी से फैलने वाले डेल्टा संस्करण होने का संदेह है। जबकि सांसदों और कार्यकर्ताओं ने संसद को बंद करने की घोषणा के समय पर सवाल उठाया।
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इसके बाद विपक्ष ने तुरंत यासीन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। संसद के पास एकत्रित कई सांसदों ने सुल्तान की अवमानना का आरोप लगाते हुए मुहीद्दीन यासीन और उनके मंत्रिमंडल के इस्तीफे की मांग की है।
महातिर ने मंत्रिमंडल से मांगा इस्तीफा
पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने पूरे मंत्रिमंडल से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, इस तरह लंबे समय से जारी राजनीतिक उथल-पुथल को खत्म किया जा सकता है और स्वास्थ्य, आर्थिक व सामाजिक संकटों को दूर करने के प्रयासों पर पूरा ध्यान दिया जा सकता है। इस बीच, सांसदों का मार्च देखते हुए संसद की तरफ जाने वाली सड़क को दंगा पुलिस ने बंद कर दिया और पुलिस ने सांसदों को तितर-बितर कर दिया।