दावोस में चौथी एनएसए की मीटिंग
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दोवास में 15 से 19 जनवरी को होने वाले विश्व आर्थिक मंच की बैठक से से एक दिन पहले रविवार को कई देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने बैठक की। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चर्चा की गई। बैठक भारत समेत कई देशों ने युद्ध प्रभावित देशों में शांति को लेकर जोर दिया। यूक्रेन के साथ बैठक की सह मेजबानी करने वाले स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि ने कहा कि स्विट्जरलैंड रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति की वकालत करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा यूक्रेन को समर्थन जारी रहेगा। इस दौरान बैठक में यूक्रेन और रूस युद्ध पर भारत के रुख की सराहना की गई है।
'रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने को लेकर भारत से उम्मीदें'
बैठक में मेजबान देश स्विट्जरलैंड ने कहा कि इस मुद्दे पर भारत अहम भूमिका निभा सकता है। बैठक के दौरान भारत ने कहा कि बातचीत के जरिए हल निकाला जा सकता है। युद्ध कभी भी किसी चीज का सामाधान नहीं हो सकता है, इस दौरान अन्य प्रतिनिधियों ने भारत की स्थिति पर सहमति जताई है। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस ने कहा कि शांति के मेज पर रूस को लाने के लिए कई देशों की मध्यस्थता की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि भारत समेत ब्रिक्स देशों की भागीदारी बहुत खास है, ये वे देश हैं जिनके रूस के साथ संबंध जारी हैं। इस दौरान स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री ने भारत की रुख की सराहना करते हुए कहा कि इससे मुद्दे के समाधान की उम्मीद हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) विक्रम मिस्री ने किया है।
यूक्रेन में शांति की बहाली पर सभी देशों का जोर
गौरतलब है कि 2022 में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रस्तावित शांति फॉर्मूले पर यह एनएसए की चौथी बैठक थी, जो यूक्रेन में शांति के उद्देश्य से दस सिद्धांतों पर जोर देती हैं। इससे पहले कोपेनहेगन, माल्टा में बैठकें हो चुकी हैं। भारत ने यूक्रेन में शांति की बहाली की वकालत की हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने उन्हें हरसंभव मदद की बात कही थी। वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन से वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने दो टूक शब्दों में कहा था कि यह युद्ध का समय नहीं हैं।
एनएसए की बैठक में कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक दावोस बैठक में भारतीय प्रतिनिधि ने एक बार फिर शांति बहाली पर जोर दिया है, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति के कार्यालय के प्रमुख एंड्री यरमक ने कहा कि बैठक में 81 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। स्विस विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य यूक्रेन में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के सिद्धांतों पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर पर बातचीत को अंतिम रूप देना है। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड दावोस में सम्मेलन के जरिए इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। चौथी एनएसए बैठक में खाद्य सुरक्षा और मानवीय पहलुओं पर पैनल चर्चा भी शामिल थी।