श्रीलंका की नौसेना ने 12 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है। उन पर द्वीप राष्ट्र के जलक्षेत्र में मछली पकड़ने का आरोप है। मछुआरों की नौकाएं जब्त कर ली गई हैं। एक आधिकारिक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई है।
नौसेना ने एक बयान में कहा कि मछुआरों को उत्तरी जाफना प्रायद्वीप में कराईनगर तट से शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। उनकी तीन नौकाओं को भी जब्त कर लिया गया है। इसमें आगे कहा गया है कि उन्हें कार्रवाई के लिए कांकेसंथुरई बंदरगाह ले जाया गया है।
भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों के मुद्दे पर लंबे समय से विवाद रहा है। पिछले साल श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों ने भारतीय मछुआरों पर अपने जलक्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने का आरोप लगाया था और पाक जलडमरूमध्य में उन पर गोलीबारी कर दी थी और उनकी नौकाओं को भी जब्त कर लिया गया था। पाक जलडमरूमध्य तमिलनाडु को श्रीलंका से अलग करने वाली एक संकरी पट्टी है। यह दोनों देशों के मछुआरों के लिए मछली पकड़ने का समृद्ध क्षेत्र है।
श्रीलंका के अधिकारियों द्वारा भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किए जाने की घटना समय-समय पर होती रही हैं। 2023 में द्वीप राष्ट्र की नौसेना ने श्रीलंकाई जल क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश के लिए 240 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 35 नौकाओं को जब्त किया गया।
मछुआरों की रिहाई के लिए स्टालिन ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र
वहीं, मछुआरों की गिरफ्तारी को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा, मैं आपका ध्यान श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए 12 मछुआरों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। आपसे अनुरोध करता हूं कि हमारे मछुआरों और उनकी नौकाओं की रिहाई सुनिश्चित करने के उपयुक्त राजनयिक चैनलों से श्रीलंका की सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाएं।
विवादास्पद अभियान का नया चरण शुरू करेगी श्रीलंकाई पुलिस
श्रीलंका की पुलिस ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह नशीली दवाओं के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी और इसके लिए जल्द नया चरण शुरू करेगी। पुलिस ने कहा कि उनके निशाने पर 42 हजार 248 संदिग्ध हैं। इससे एक दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने पुलिस के अभियान पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि वह इस बात से बहुत चिंतित हैं कि द्वीप राष्ट्र के पुलिस अधिकारी उन सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों पर फोकस करने के बजाए मादक पदार्थों की समस्या से निपटने में जुटे हैं, जो मानव अधिकारों पर आधारित हैं।
पुलिस के बयान में कहा गया, सभी पुलिस स्टेशन अगले एक महीने तक 42,248 संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए चौबीस घंटे काम करेंगे और उन्हें न्याय के दायरे में लाएंगे।वहीं, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क द्वारा एक बयान जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि 17 दिसंबर से मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में 29 हजार लोगों को कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया है।