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Nikhil Gupta: निखिल गुप्ता पर लगे आरोपों की विस्तृत जानकारी देने से अमेरिका का इनकार, अदालत में कही ये बात

Thu, 11 Jan 2024 02:07 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

निखिल गुप्ता (52 वर्षीय) के खिलाफ बीते साल नवंबर में संघीय अभियोजक ने अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। 
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गुरपतवंत सिंह पन्नू - फोटो : फाइल फोटो।
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विस्तार
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अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में चेक गणराज्य की जेल में बंद भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर लगे आरोपों की विस्तृत जानकारी देने से अमेरिकी सरकार ने इनकार कर दिया है। अमेरिका ने कोर्ट में कहा कि जब निखिल गुप्ता को न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया जाएगा और उस पर मुकदमा शुरू होगा, तभी उसके खिलाफ लगे आरोपों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। दरअसल अमेरिका में निखिल गुप्ता के वकील ने अदालत में प्रस्ताव पेश कर आरोपों की जानकारी मांगी थी, ताकि वह बचाव की तैयारी कर सकें। निखिल गुप्ता के वकील ने अदालत को ये भी बताया कि चेक गणराज्य की जेल में निखिल गुप्ता के मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। वकील ने दावा किया कि निखिल गुप्ता को लंबे समय तक एकांतवास में रखा जा रहा है। कोर्ट दस्तावेजों में ये भी कहा गया है कि निखिल गुप्ता अंतिम बार साल 2017 में अमेरिका आया था। 
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निखिल गुप्ता के वकील ने पेश किया प्रस्ताव
निखिल गुप्ता (52 वर्षीय) के खिलाफ बीते साल नवंबर में संघीय अभियोजक ने अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। आरोप है कि निखिल गुप्ता ने भारत सरकार के एक कथित सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर अमेरिका में पन्नू की हत्या की साजिश रची थी। गुप्ता को बीते साल 30 जून को चेक रिपब्लिक के प्राग में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से वह प्राग की जेल में बंद है और अमेरिका द्वारा निखिल गुप्ता के अमेरिका प्रत्यर्पण की कोशिश की जा रही है। निखिल गुप्ता के अमेरिका में वकील जेफ चेब्रोव ने बीती 4 जनवरी को न्यूयॉर्क की सदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक प्रस्ताव पेश किया।

अमेरिकी सरकार ने दस्तावेज देने से किया इनकार
इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि अदालत संघीय अभियोजक को निर्देश दे कि वह तत्काल आरोपों का बचाव करने के लिए संबंधित दस्तावेज मुहैया कराए ताकि बचाव के लिए तैयारी की जा सके। कोर्ट दस्तावेजों में बताया गया है कि निखिल गुप्ता के परिवार को भी उससे बहुत कम मिलने दिया जा रहा है। साथ ही गुप्ता को काउसलर एक्सेस भी नहीं दिया गया है और जेल में उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। चेक गणराज्य के सुप्रीम कोर्ट में भी निखिल गुप्ता की तरफ से बंदी याचिका दायर की गई है। जज विक्टर मारेरो ने निखिल गुप्ता के वकील के प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए अमेरिकी सरकार को तीन दिन का समय दिया था। जिस पर अमेरिकी सरकार ने बुधवार को कहा कि इस प्रस्ताव में जो डिस्कवरी मैटेरियल की मांग की गई है, उसे देने से इनकार कर देना चाहिए, जब निखिल गुप्ता को न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया जाएगा, उसके बाद ही आरोपों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।  
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