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नेपाल: ‘दो वर्ष बाद शेर बहादुर देउबा बनेंगे प्रधानमंत्री’, केपी शर्मा ओली ने किया सात सूत्रीय समझौते का खुलासा

Sun, 21 Jul 2024 04:38 PM IST
मिथिलेश नौटियाल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने अपनी पार्टी सीपीएन-यूएमएल और नेपाली कांग्रेस के बीच हुए सात सूत्रीय समझौते का खुलासा किया है। इस समझौते के अनुसार दो वर्ष सरकार चलाने के बाद केपी शर्मा ओली, शेर बहादुर देउबा को नेपाल की सत्ता सौंप देंगे। 

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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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नेपाल में हाल ही में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। केपी शर्मा ओली को हाल ही में नेपाल की का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। अब केपी शर्मा ओली ने अपनी पार्टी सीपीएन-यूएमएल और नेपाली कांग्रेस के बीच हुए सात सूत्रीय समझौते का खुलासा किया है। इस समझौते के अनुसार दो वर्ष सरकार चलाने के बाद केपी शर्मा ओली, शेर बहादुर देउबा को नेपाल की सत्ता सौंप देंगे।  

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केपी शर्मा ओली ने किया सात सूत्रीय समझौते का खुलासा
दरअसल केपी शर्मा ओली ने संसद में विश्वास मत हासिल करने के लिए अपना प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान पीएम ओली ने दो सप्ताह पहले अपनी पार्टी सीपीएन-यूएमएल और देउबा की पार्टी नेपाली कांग्रेस के बीच हुए समझौते की जानकारी दी। संसद को संबोधित करते हुए केपी शर्मा ओली ने कहा, ‘सात सूत्रीय समझौते के अनुसार, मैं अगले दो वर्ष के लिए सरकार चलाऊंगा। इसके बाद अगले डेढ़ वर्ष के लिए शेर बहादुर देउबा नेपाल की सत्ता संभालेंगे।’

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सात सूत्रीय समझौते की खास बातें?

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सात सूत्रीय समझौते के अनुसार, देश में राजनीतिक स्थिरता बनाने के लिए एक सर्वसम्मति की सरकार का गठना करने के रूप में पहला काम होगा। इसके अलावा देश में भ्रष्टाचार को खत्म करना और सुशासन स्थापित करना, राजनीतिक स्थिरता के लिए संविधान में संशोधन करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी काम होगा।

अब तक समझौते को गुप्त रखा गया था
आपको बता दें कि अब तक ओली और देउबा के बीच हुए समझौते को गुप्त रखा गया था। इससे सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के नेताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। पूर्व में नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने भी इस समझौते को संसद में सार्वजनिक करने की मांग की थी।  इससे पहले सोमवार को केपी शर्मा ओली ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। दरअसल, संसद में पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल ने विश्वास मत खो दिया था। 

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