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नेपाल: बाढ़ से तबाही, अब तक 16 की मौत, 22 लापता

Sun, 20 Jun 2021 12:52 AM IST
प्रशांत कुमार वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला

सार

नेपाल में जून महीने से शुरू हुई भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नेपाल की सभी छोटी-बड़ी नदिंया उफान पर हैं। इस दौरान कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। साथ ही कई लोगों के लापता होने की खबर है।
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नेपाल में बारिश के बाद भू-स्खलन
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विस्तार
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नेपाल में रविवार से जारी लगातार बारिश के चलते अचानक से आई भीषण बाढ़ से हालात बेहद खराब हो गए हैं। कई नदियां उफान पर चल रही हैं और लोगों को हेलिकॉप्टर से बचाया जा रहा है। अब तक यहां बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं के कारण 16 लोगों की जान जा चुकी है और 22 लोग लापता हैं। मरने वालों में तीन विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापताओं में भारतीय व चीनी नागरिक शामिल हैं।

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नेपाल के गृह मंत्रालय ने बताया, अभी तक हमें संपत्तियों के नुकसान संबंधित रिपोर्ट नहीं मिली है। सरकार राहत और बचाव कार्य पर ध्यान दे रही है। साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत सामग्रियां भिजवाई जा रही हैं। अब तक इस प्राकृतिक आपदा में 11 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता जनकराज दहल ने बताया कि सिंधुपालचोक व मनंग जिलों में जान माल की हानि की रिपोर्ट मिली है। नेपाल मौसम विभाग के अनुसार देश में 1 जून से मानसून आया है और यह करीब 3 माह तक रहेगा। तेज बारिश के चलते इंद्रावती नदी के बेसिन के निचले इलाकों में पानी भर गया है।

दो चीनी और एक भारतीय नागरिक के शव बरामद
मेलमची से लगभग 30 किमी दूर एक उच्च पर्वतीय क्षेत्र में एक जार्ज भूस्खलन की वजह से अवरुद्ध हो गया था, जिसके बाद बाढ़ आई। मेलमची में मेलमची पेयजल परियोजना (एमडीडब्ल्यूपी) भी नष्ट हो गई है। द हिमालयन टाइम्स ने एमडीडब्ल्यूपी के प्रवक्ता राजेंद्र प्रसाद पंत के हवाले से बताया कि अब तक दो चीनी और एक भारतीय नागरिक के शव बरामद किए जा चुके हैं।
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1,000 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
नेपाली सेना और नेपाल पुलिस ने बाढ़ में फंसे कुल 74 लोगों को हेलिकॉप्टर से बचाने का दावा किया है। बाढ़ से लगभग 200 परिवार विस्थापित हो गए हैं जबकि 1,000 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

कई दिनों से मूसलाधार बारिश
नेपाल में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश से तराई क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है। सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है । प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। साथ ही बचे हुए लोगों से भी ऊंची जगहों पर शरण लेने की अपील की गई है। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ से बिहार की नदियां भी उफान पर है। वहीं, डोलखा में तमकोशी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। डोलखा जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने यहां के लोगों से सुरक्षित जगह जाने को कहा है। लाउडस्पीकर के जरिए प्रशासन इस इलाके के रहवासियों को जागरूक कर रहा है। बता दें कि नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ से अभी तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कई लोगों के लापता होने की खबर है।  

इन इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
नदी किनारे स्थित रोंगक्सिया शहर, टिंगरी काउंटी के पास भूस्खलन होने से अचानक बाढ़ आ गई। यहां के निवासियों को काफी दिक्कतें आ रही है। सबसे ज्यादा बुरा हाल तराई क्षेत्र के भिस्वा, जिराभवानी, सिकार बस्ती, दमैलि गांव का है, जहा बाढ़ का पानी गांव में घुस गया है। सड़क के ऊपर से दो से तीन फीट पानी का बहाव हो रहा है। महादेवा पट्टी में कच्ची सड़क के कटाव से आवागमन बाधित हो गया है।

नेपाल में बाढ़ से बिहार की नदियां उफान
दरअसल नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश हो रही है, इससे पहाड़ी नदियां भी उफान पर हैं। ये नदियां तराई क्षेत्र में कहर बरपा रही हैं। नेपाल की नदियों में आई बाढ़ का असर बिहार पर भी दिख रहा है। बिहार की गंगा, बुढ़ी गंडक, गंडक, कोसी, पुनपुन समेत सभी नदियां उफान है। 

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