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Nepal: नेपाल के अंदरूनी मामलों में बढ़ती जा रही है बड़ी ताकतों की भूमिका? दिल्ली पहुंचे दहल

Sat, 16 Jul 2022 06:15 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

पर्यवेक्षकों ने इस ओर ध्यान दिलाया है कि दहल की दिल्ली यात्रा उस समय हो रही है, जब नेपाल में अगले आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने वाला है। फिलहाल माओइस्ट सेंटर नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में एक प्रमुख घटक दल है। वह शेर बहादुर देउबा सरकार में भी शामिल हैं...
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Nepal Former PM Pushpa Kamal Dahal ‘Prachanda’ meet PM Narendra Modi - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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नेपाल में अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ाने के लिए बड़ी ताकतों में चल रही होड़ के बीच नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओइस्ट सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल की भारत यात्रा यहां कई तरह की अटकलों का विषय बनी हुई है। गुरुवार को ये घोषणा हुई कि दहल भारत की सत्ताधारी भाजपा के आमंत्रण पर शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। दहल के सहयोगी रमेश मल्ला ने पत्रकारों को बताया कि दिल्ली में दहल उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल होंगे।

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दहल की नई दिल्ली यात्रा का कार्यक्रम चीन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की काठमांडू यात्रा पूरी होने के दो दिन बाद ही हुआ। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश संपर्क विभाग के प्रमुख लिउ जियानचाओ के नेतृत्व में यह प्रतिनधिमंडल बीते रविवार को यहां आया था और बुधवार को यहां से बीजिंग रवाना हुआ। इस यात्रा के दौरान ये कयास गर्म रहे कि उसने माओइस्ट सेंटर और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के बीच एकता कराने की कोशिश की। समझा जाता है कि अगर ये एकता हुई, तो उससे सत्ताधारी नेपाली कांग्रेस के सियासी समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। पर्यवेक्षकों के मुताबिक नेपाल की राजनीति में भारत की सहानुभूति नेपाली कांग्रेस के साथ मानी जाती है।
 

 

मल्ला ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दहल को तकरीबन महीने भर पहले आमंत्रण भेजा था। उन्होंने कहा- ‘लेकिन राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण यात्रा का कार्यक्रम तय करने में समय लगा। अब चूंकि दहल के पास समय है, इसलिए वे दिल्ली जा रहे हैं। इस यात्रा से माओइस्ट सेंटर और भाजपा के बीच पार्टी स्तर पर संबंध बनाने में मदद मिलेगी।’ मल्ला के मुताबिक दिल्ली में दहल की विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात होने की संभावना है। उन्होंने कहा- ‘हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी से भी दहल की मुलाकात होगी, हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।’ दहल रविवार को काठमांडू लौट आएंगे।

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पर्यवेक्षकों ने इस ओर ध्यान दिलाया है कि दहल की दिल्ली यात्रा उस समय हो रही है, जब नेपाल में अगले आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने वाला है। फिलहाल माओइस्ट सेंटर नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन में एक प्रमुख घटक दल है। वह शेर बहादुर देउबा सरकार में भी शामिल हैं।
 

 

इस बीच अमेरिका ने नेपाल के लिए अपने नए राजदूत के नाम का एलान किया है। अगर अमेरिकी सीनेट ने पुष्टि कर दी, तो डीन आर. थॉम्पसन काठमांडू में अमेरिका के राजदूत होंगे। थॉम्पसन अभी अमेरिकी विदेश मंत्रालय में दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के उप सहायक मंत्री हैं। उनकी नियुक्ति को भी नेपाल में प्रभाव क्षेत्र बढ़ाने की होड़ से जोड़ कर देखा जा रहा है।  

 

थॉम्पसन ने एक बयान में कहा है- ‘अगर राजदूत के रूप में मेरे नाम की पुष्टि हो जाती है, तो मैं नेपाली नागरिकों के अधिकार को बल प्रदान करने की कोशिश करूंगा। इनमें दलित, हाशिये पर समूह, और तिब्बतियों सहित अन्य शरणार्थी समूह शामिल हैं। मैं नेपाल सरकार को ऐसी नीतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करूंगा, जिनसे इन समूहों का सार्थक समावेशन हो, उन्हें आर्थिक मदद मिले, और उन्हें मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके।’ इसमें तिब्बतियों के जिक्र को कूटनीतिक लिहाज से अहम समझा गया है। साथ ही देश के अंदरूनी मामलों में पहल के उनके इरादे को भी नेपाल में बढ़ रही अमेरिकी भूमिका से जोड़ कर देखा जा रहा है।

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