नवाज शरीफ को भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि नवाज के लाहौर हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। ऐसे हालात से बचने के लिए एलएचसी का रुख करने का फैसला किया गया है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) उनकी वतन वापसी के लिए हर हथकंडा अपनाने को तैयार है। इसके मद्देनजर अब इस महीने के अंत में वतन लौटने से पहले पार्टी जमानत के लिए लाहौर हाईकोर्ट (एलएचसी) का रुख करेगी। मीडिया में रविवार को आई खबरों के जरिए इसका खुलासा हुआ।
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नवाज (73) ने हाल में कहा था कि वह 21 अक्तूबर को पाकिस्तान लौट सकते हैं। इसे लेकर वे काफी उत्साहित हैं। इसके साथ ही उनका करीब चार साल का ‘स्वनिर्वासन’ समाप्त हो जाएगा। नवाज जनवरी 2024 में होने वाले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं।
दरअसल, नवाज शरीफ को भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि नवाज शरीफ के लाहौर हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। ऐसे हालात से बचने के लिए एलएचसी का रुख करने का फैसला किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी कब जमानत के लिए अदालत का रुख करेगी।
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लंदन में हुई बैठक में चर्चा
इस बीच पीएमएल-एन नेताओं ने बताया कि अदालत का रुख करने पर नवाज, उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज से लंदन में हुई बैठक में चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि नवाज के स्वदेश लौटने से दो दिन पहले अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी। इसमें अपील की जाएगी कि पीएमएल-एन सुप्रीमो को अगले सात दिन तक गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। वह स्वयं संबंधित कोर्ट में आत्मसमर्पण कर देंगे।
जनसभा को भी संबोधित कर सकेंगे
सूत्रों के मुताबिक, जमानत अर्जी मंजूर हो जाने की स्थिति में नवाज शरीफ को स्वदेश लौटने के तुरंत बाद जेल नहीं जाना पड़ेगा। उस परिस्थिति में वह मीनार-ए-पाकिस्तान मैदान में प्रस्तावित जनसभा को भी संबोधित कर सकेंगे।