Moscow: वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर को मॉस्को की जेल में जून अंत तक सजा काटनी होगी। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा के अधिकारियों का आरोप है कि पत्रकार गर्शकोविच अमेरिका के निर्देशों पर रूस में जासूसी कर रहे थे।
मॉस्को की अदालत से अमेरिकी रिपोर्टर को बड़ा झटका लगा है। जासूसी के आरोप में रूस में गिरफ्तार किए गए वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर को फिलहाल जून के आखिर तक जेल में ही रहना होगा। अदालत ने 32 साल के रिपोर्टर गेर्शकोविच की अपील खारिज करते हुए यह आदेश दिया है।
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जून अंत तक जेल में रहना होगा
बता दें कि गेर्शकोविच को 2023 के अंत में रूस के येकातेरिनबर्ग शहर से गिरफ्तार किया गया था। वो एक साल से अधिक समय सलाखों के पीछे बिता चुके हैं। पिछले महीने उन्होंने और उनके वकीलों ने जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर मंगलवार को मॉस्को की अदालत ने सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया। इस तरह उन्हें अब जून अंत तक जेल में ही रहना होगा।
रूस के सैन्य ठिकाने की जासूसी का आरोप
रूस की संघीय सुरक्षा सेवा के अधिकारियों का गेर्शकोविच पर आरोप लगाया है कि वे अमेरिका के निर्देशों पर काम कर रहे थे। यह भी कहा गया है कि अमेरिकी रिपोर्टर द्वारा रूसी सैन्य-औद्योगिक परिसर के उद्यमों में से एक की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही थी।
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अमेरिका ने रूस पर सबूत न देने का आरोप लगाया
खुद गेर्शकोविच और वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रूस के आरोपों से इनकार किया है। इससे पहले अमेरिकी सरकार ने कहा है कि गेर्शकोविच को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है। अमेरिका का दावा है कि रूसी अधिकारियों ने जासूसी के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है।
37 साल के बाद रिपोर्टर की गिरफ्तारी का पहला मामला
रिपोर्टर को मॉस्को की लेफोर्टोवो जेल में रखा गया है। गेर्शकोविच 1986 के बाद से रूस में जासूसी के आरोपों का सामना करने वाले पहले अमेरिकी रिपोर्टर हैं। इनसे पहले यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट के मॉस्को संवाददाता निकोलस डैनिलॉफ को केजीबी ने गिरफ्तार किया था।