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Priyanka Gandhi: 'नेहरू के भाषण को गलत तरीके से पेश करना शर्मनाक', प्रियंका गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार

Tue, 06 Feb 2024 08:15 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

Priyanka Gandhi: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के भाषण की कुछ पंक्तियों को गलत तरीके से पेश करना न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह दिखाता है कि हमारे स्वाधीनता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण के ऐतिहासिक संघर्षों के प्रति पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा और आरएसएस के मन में कितनी कड़वाहट भरी हुई है। 
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राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री (पीएम) नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के भाषण की पंक्तियों को गलत तरीके से पेश किया। प्रियंका ने कहा कि यह न केवल शर्मनाक है, बल्कि इससे पता चलता है कि भाजपा के मन में  स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण के ऐतिहासिक संघर्ष को लेकर कितनी कटुता भरी हुई है। 

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एक दिन पहले लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कई बार पंडित नेहरू पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि नेहरू सोचते थे कि भारतीय लोग आलसी और कम अक्ल वाले होते हैं। करीब सौ मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने भारत की क्षमता पर कभी भरोसा नहीं किया। 

प्रियंका गांधी ने कहा कहा
वहीं, प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर पलटवार किया और कहा, 'क्या भारत की चेतना के संरक्षक पंडित नेहरू भारतीयों को आलसी मानते थे? कल लोकतंत्र के मंदिर संसद में पीएम मोदी ने पंडित नेहरू पर यही आरोप लगाया था। क्या इसमें कोई जरा सी भी सच्चाई है?' उन्होंने 'एक्स' पर कांग्रेस नेता के भाषण का ऑडियो साझा करते हुए लिखा, 'कुछ भी सोचने से पहले नेहरू का वह भाषण पढ़ और सुन लीजिए।'  

पंडित नेहरू ने अपने संबोधन में क्या कहा था
प्रियंका ने लिखा, "15 अगस्त 1959 को उन्होंने नेहरू ने कहा था- जब तक हिंदुस्तान के लाखों गांव नहीं जागते, आगे नहीं बढ़ते तो सिर्फ बड़े शहर हिंदुस्तान को नहीं आगे ले जाएंगे। वे बढ़ेंगे अपनी कोशिश से, अपनी हिम्मत से, अपने ऊपर भरोसा करके। हमारे लोग अपने ऊपर भरोसा करना छोड़कर समझते हैं कि और लोग मदद करें। मैं चाहता हूं कि लोग बागडोर अपने हाथों में लें। तरक्की नापने का एक ही गज है कि कैसे हिंदुस्तान के 40 करोड़ आगे बढ़ते हैं... कौम अपनी मेहनत से बढ़ती है। जो मुल्क खुशहाल हैं वे अपनी मेहनत और अक्ल से आगे बढ़े हैं। हमारे हिंदुस्तान में काफी मेहनत करने की आदत आमतौर से नहीं हुई है, हम भी मेहनत और अक्ल से बढ़ सकते हैं। इंसान की मेहनत से सारी दुनिया की दौलत पैदा होती है। जमीन पर किसान काम करता है, या कारखाने में कारीगर, उनसे काम चलता है। कुछ बड़े अफसर दफ्तर में बैठकर दौलत पैदा नहीं करते। दौलत मेहनतकश लोगों की मेहनत से पैदा होती है। तो हमें अपनी मेहनत को बढ़ाना है।"

'विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करना अपराध है?'
अपने पोस्ट में प्रियंका गांधी ने कहा कि आजादी के बाद करोड़ों लोगों के सामने अपना खाली पेट भरने की चुनौती थी और अंग्रेजों की गुलामी, लूट और शोषण ने देश को खोखला कर दिया था। उन्होंने कहा, "अकाल और भुखमरी के कारण लाखों मौतें हुईं। अगर ऐसे देश के प्रधानमंत्री अपने लोगों से कहे कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होना, कड़ी मेहनत करनी है और विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है। तो क्या यह अपराध है? एक आजाद देश के प्रधानमंत्री अगर अपने देश की जनता को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करता है तो क्या यह जनता का अपमान है?"
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'ऐतिहासिक संघर्षों के प्रति पीएम के मन में कड़वाहट'
कांग्रेस महासचिव ने कहा, "देश के पहले प्रधानमंत्री के भाषण की कुछ पंक्तियों को गलत तरीके से पेश करना न केवल शर्मनाक है, बल्कि यह दिखाता है कि हमारे स्वाधीनता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण के ऐतिहासिक संघर्षों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और आरएसएस के मन में कितनी कड़वाहट भरी हुई है।" उन्होंने आगे कहा, "बात सिर्फ इतनी नहीं कि वो किसी एक पंक्ति या वक्तव्य या कार्यक्रम या फैसले को तोड़-मरोड़कर पेश करेंगे और हम उसकी सफाई देंगे।" प्रियंका ने कहा, "बात यह है कि जब सत्ता और देश की मीडिया के शीर्ष पर बैठे मोदी ऐसी चीजें करते हैं, तो क्या यह उनके और उनके पद की गरिमा को शोभा देता है? या उनसे ये उम्मीद करना बेईमानी है।" 
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