सियोल में जारी एक बयान में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने म्यांमार की समानांतर सरकार से संपर्क करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद म्यांमार के लोगों की इच्छा के मुताबिक वहां समाधान निकालना है। विश्लेषकों के मुताबिक विदेश में बसे म्यांमार के लोगों की संबंधित देशों में लॉबिंग से एनयूजी को लाभ हुआ है। इनमें से बहुत से लोग ऐसे हैं, जो एक दशक पहले जब म्यांमार में सैनिक शासन था, तब वहां से भाग कर अलग-अलग देशों में बस गए थे। इन लोगों ने म्यांमार में मौजूदा सैनिक शासकों की दमनकारी नीतियों की खबरों को खूब प्रचारित किया। इसका असर उन देशों की जनता और आखिरकार सरकारों पर भी होता दिख रहा है।
बैंकाक में थाईलैंड के राजनयिकों ने निक्कई एशिया से बातचीत में एनयूजी के इस दावे की पुष्टि की कि पश्चिमी देशों में समानांतर सरकार को तरजीह दी जा रही है। इन राजनयिकों ने कहा कि कई पश्चिमी देशों के प्रतिनिधियों ने एनयूजी के नुमाइंदों के साथ बैठक की है। उनका एनयूजी के साथ संपर्क लगातार बना हुआ है। एक राजनयिक ने कहा- ‘संकट का समाधान ढूंढने की कोशिश में यह एक अहम पहलू है।’