मार्स रोवर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मार्स रोवर की मंगल ग्रह से चट्टानों के नमूने जुटाने की पहली कोशिश नाकाम रही। कार के आकार का रोवर पर्सिवरेंस इस साल फरवरी में लाल ग्रह के जेजेरो क्रेटर के अंदर जीवन संकेतों की खोज के मकसद से उतारा गया था।
नासा ने एक बयान जारी कर बताया है कि रोवर के पृथ्वी पर भेजे गए डाटा से पता चला है कि मंगल पर चट्टान का सैंपल लेने और इसे ट्यूब में बंद करने की शुरुआती सैंपलिंग गतिविधि में ऐसा कोई भी नमूना एकत्र नहीं हो पाया। इस विफलता के बाद वॉशिंगटन में नासा के विज्ञान मिशन निदेशालय के सहयोगी प्रशासक थॉमस जुर्बकेन ने कहा, पहला परिणाम ही सब कुछ नहीं है। किसी भी नए क्षेत्र में जोखिम होता है। मुझे भरोसा है कि हमारे पास यह काम करने वाली सही टीम है, जो भविष्य में सफलता के लिए समाधान की दिशा में प्रयास करेगी।
गलती पता लगाने के बाद तय होगा अगला कार्यक्रम
पहले प्रयास से मिले डाटा का विश्लेषण कर रही टीम से जुड़े लोगों का कहना है कि चट्टान का नमूना लेने में हुई गलती का पता लगाने के बाद रोवर द्वारा अगली सैंपलिंग का कार्यक्रम निर्धारित किया जाएगा।
टूटी चट्टानों को उठाता है रोबोटिक हाथ
गौरतलब है कि रोवर के साथ कुल 43 टाइटेनियम सैंपल ट्यूब भेजी गई हैं और वह जेजेरो क्रेटर की खोज कर रहा है। वहां यह चट्टान और रेगलिथ (टूटी चट्टान और धूल) के नमूने जुटाएंगे, जिनका भविष्य में पृथ्वी पर विश्लेषण किया जाएगा। पर्सिवरेंस का सैंपलिंग और कैशिंग सिस्टम नमूने निकालने के लिए अपने 7 फुट लंबे रोबोटिक हाथ के अंत में लगे खोखले कोरिंग बिट और एक ड्रिल का इस्तेमाल करता है।