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पाकिस्तान में खदानें बन रहीं मुसीबत: विस्फोट होने के कारण धंसी कोयला खदान, 12 मजदूरों की मौत

Wed, 20 Mar 2024 02:30 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

बलूचिस्तान के मुख्य खान निरीक्षक अब्दुल गनी बलूच के हवाले से बताया गया है कि बीती रात जब मीथेन गैस में विस्फोट हुआ तब खदान के अंदर 20 मजदूर मौजूद थे।
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20 मार्च को बलूचिस्तान प्रांत के खनन क्षेत्र में एक कोयला खदान के बाहर बैठे मजदूर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान से एक बुरी खबर सामने आ रही है। यहां के बलूचिस्तान में शक्तिशाली विस्फोट होने के कारण एक कोयला खदान धंस गई, जिससे कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोगों को बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि घटना हरनाई जिले के हरदालो इलाके में हुई। जिस वक्त हादसा हुआ उस समय खदान के अंदर 20 मजदूर काम कर रहे थे

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आठ को बचाया गया
बलूचिस्तान के मुख्य खान निरीक्षक अब्दुल गनी बलूच के हवाले से बताया गया है कि बीती रात जब मीथेन गैस में विस्फोट हुआ तब खदान के अंदर 20 मजदूर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान बुधवार सुबह पूरा हो गया। टीम को खदान के अंदर से 12 शव मिले, जबकि घायल हुए आठ लोगों को तुरंत अस्पाल ले जाया गया है।

मृतकों की संख्या की पुष्टि
बलूच ने बताया कि रात के समय दो शव बरामद किए गए, जबकि 10 शव बुधवार की तड़के मिले। खनन महानिदेशक अब्दुल्लाह शाहवानी ने भी मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। इस बीच प्रधानमंत्री शहवाज शरीफ ने घटना पर दुख जताया और जिन लोगों ने अपने परिजनों को खोया उनको सांत्वना दी। पीएम ने घायलों को हरसंभव मदद देने की घोषणा भी की। साथ ही कहा कि इस तरह के हादसे बहुत दुखद होते हैं। 
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पाकिस्तान के कोयला उत्पादन में बलूचिस्तान प्रांत का योगदान 50 प्रतिशत है। हालांकि, गैस बनने के कारण होने वाली खदान दुर्घटनाएं पाकिस्तान में आम हैं। श्रमिकों की शिकायत है कि सुरक्षा गियर की कमी और खराब काम करने की स्थिति लगातार दुर्घटनाओं का मुख्य कारण हैं।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

  • पिछले साल दिसंबर में बलूचिस्तान के डुकी कोयला क्षेत्र में एक निजी खदान में आग लगने से दो मजदूरों की जान चली गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे।
  • वहीं, सितंबर में सिंध के जामशोरो में एक कोयला खदान धंसने से तीन मजदूर मलबे में दब गए थे।
  • साल 2022 में, हरनाई जिले में एक कोयला खदान के अंदर गैस विस्फोट में छह खनिक मारे गए थे।
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