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Maldives:मुइज्जू पर भारत से माफी मांगने का बढ़ा दबाव, नहीं माने तो छिनेगी सत्ता; महाभियोग की तैयारी में विपक्ष

Mon, 29 Jan 2024 05:46 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले

सार

Maldives: मालदीव के विपक्षी दल एमडीपी और डेमोक्रेट राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश करने वाले हैं। मुइज्जू के मंत्रिमंडल में चार सदस्यों की मंजूरी को लेकर सरकार समर्थक दलों के सांसद और विपक्षी सदस्य आमने-सामने आ गए। 
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्म मुइज्जू - फोटो : एक्स/डॉ. मोहम्मद मुइज्जू
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विस्तार
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भारत विरोधी जहर उगलकर सत्ता में आए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने का दबाव बढ़ता जा रहा है। मालदीव की संसद में बहुमत रखने वाले मुख्य विपक्षी दल एमडीपी ने साफ कर दिया है कि अगर मुइज्जू ने अपने भारत विरोधी बयानों पर माफी नहीं मांगी, तो संसद में मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है।

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पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सालेह की मालदीवीयन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के अलावा अन्य विपक्षी दलों का भी मुइज्जू पर भारत से माफी मांगने का दबाव है। जूमहूरे पार्टी के नेता कासिम इब्राहिम ने कहा है कि चीन यात्रा से लौटने के बाद मुइज्जू ने जिस तरह भारत के खिलाफ अप्रत्यक्ष जुबानी हमले किए हैं वे अस्वीकार्य हैं और निश्चित रूप से इसके लिए उन्हें भारत से माफी मांगनी होगी। मुइज्जू के खिलाफ तैयारी में जुटी एमडीपी से जुड़े सूत्रों ने सोमवार को दावा किया है कि पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी संख्याबल साबित करने के तमाम सांसदों के हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। अब अगर मुइज्जू माफी नहीं मांगते हैं, तो उन्हें पद खोना पड़ेगा। 13 जनवरी को चीन से लौटकर मुइज्जू ने कहा था कि मालदीव किसी खास देश का आंगन नहीं है और कोई भी उसे धमका नहीं सकता है। मुइज्जू का यह बयान भारत के संदर्भ में था। भारत से घटिया गुणवत्ता की दवाओं के बजाय यूरोप और अमेरिका से दवाएं मंगाएंगे। उनके इन बयानों पर विपक्षी नेताओं ने जोरदार हमला बोला था।  
महाभियोग पर गंभीर विपक्ष
मालदीव के न्यूज पोर्टल सन की रिपोर्ट के मुताबिक, संसद ने मुइज्जू की कैबिनेट के तीन सदस्यों को मंजूरी देने से इन्कार कर दिया। एमडीपी ने महाभियोग के लिए जरूरी बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, द एडिशन की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को एमडीपी के संसदीय समूह ने सर्वसम्मति से महाभियोग प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।
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मुइज्जू के पास सिर्फ 15 सदस्यों का समर्थन
मालदीव की संसद में कुल 80 सदस्य हैं। एमडीपी के पास सबसे ज्यादा 45 सदस्य हैं। उसके बाद इसकी सहयोगी डीईएम के पास 13 सदस्य हैं। मुइज्जू के पास सिर्फ 15 सदस्यों का समर्थन है। इससे साफ हो जाता है कि अगर मुइज्जू विपक्ष की मांग नहीं मानते तो उनकी कुर्सी जाना तय है।
काम करने को प्रतिबद्ध: भारत
वहीं, भारत ने सोमवार को कहा कि वह माले-थिलाफुशी लिंक परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए मालदीव के साथ काम के लिए प्रतिबद्ध है। 53 करोड़ डॉलर की लागत से बनने वाली इस परियोजना का उद्देश्य मालदीव की राजधानी माले व थिलाफुशी के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। भारत की मदद से निर्मित होने वाली इस परियोजना की निगरानी के लिए सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। मालदीव के निर्माण एवं बुनियादी ढांचा मंत्रालय ने बैठक की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। बैठक की अध्यक्षता निर्माण मंत्री अब्दुल्ला मुथथलिब व भारतीय उच्चायुक्त मुनु महावर ने संयुक्त रूप से की। भारत ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है।

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माले की संसद में कुल 87 सदस्य हैं। संसद ने हाल ही में महाभियोग प्रस्ताव को आसानी से सौंपने के लिए अपने स्थायी आदेशों में संशोधन किया था। एमडीपी डेमोक्रेट के मिलाकर 56 सांसद हैं। इनमें 43 सांसद एमडीपी और 13 डेमोक्रेट के हैं। संविधान और संसद के स्थायी आदेशों के मुताबिक, 56 मतों के साथ राष्ट्रपति के खिलाफ लगाया जा सकता है। 
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