Hanimaadhoo International Airport: मालदीव के बुनियादी ढांचा मंत्रालय ने जानकारी दी कि हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्माण का 67 फीसदी काम पूरा हो गया है और परियोजना लगातार प्रगति कर रही है। इसे भारत सरकार द्वारा 80 करोड़ एमवीआर (मालदीव की मुद्रा) की ऋण सहायता द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।
मालदीव ने शुक्रवार को कहा कि भारत की मदद से बनाए जा रहे हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का करीब 68 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वहीं, भारत ने कहा कि यह परियोजना द्वीप राष्ट्र के पूरे उत्तरी क्षेत्र पर परिवर्तनकारी प्रभाव डालेगी।
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देश के बुनियादी ढांचा मंत्रालय ने जानकारी दी कि हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्माण का 67 फीसदी काम पूरा हो चुका है और परियोजना लगातार प्रगति कर रही है। इसे भारत सरकार द्वारा 80 करोड़ एमवीआर (मालदीव की मुद्रा) की ऋण सहायता द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।
परियनोजना नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद
एक स्थानीय समाचार पोर्टल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में कहा, सितंबर में भारत के जीएमसी को सौंपे गए हवाई अड्डे के विस्तार में 2.7 किलोमीटर की हवाईपट्टी, 13 लाख यात्री क्षमता वाला टर्मिनल और एक जेट ईंधन भंडारण सुविधा शामिल है। बुनियादी ढांचा मंत्रालय के मुताबिक, 2400 मीटर के रनवे और एप्रन का 97 फीसदी काम अब समाप्त हो गया है, जिसमें पूरा खंड पहले से ही उपयोग में है। पूरी परियोजना नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद है।
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भारत ने परियोजना को लेकर क्या कहा
वहीं, भारतीय उच्चायोग ने भी हवाई अड्डे का दौरा करने के बाद बुधवार एक्स पर कहा, हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत की मदद से बनाया जा रहा है और इसका मालदीव के उत्तरी क्षेत्र पर परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। बुनियादी ढांचा मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मंत्रियों के साथ दौरे के दौरान साइट पर महत्वपूर्ण प्रगित देखी, जिसकी हम सराहना करते हैं।
दोनों देशों के संपर्क में होगा सुधार: भारतीय उच्चायुक्त
उच्चायोग ने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें मालदीव में भारत के उच्चायुक्त मुनु महावर को परियोजना के बारे में बोलते हुए दिखाया गया है।महावर वीडियो में कहते हुए दिखाई दे रहे हैं, इस परियोजना का मालदीव के पूरे उत्तरी क्षेत्र पर परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। यह संपर्क में सुधार करेगा और पर्यटन को बढ़ावा देगा। यह अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करेगा। यह हमारे दोनों देशों के लोगों को भी करीब लाएगा।