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Maldives: 'देश छोटा इसलिए धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल गया'; चीन से ₹10.77 अरब लेकर लौटे मुइज्जू के बिगड़े बोल

Sat, 13 Jan 2024 10:33 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले (मालदीव)

सार

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने पांच दिवसीय चीन दौरे के बाद कहा, 'उनका देश छोटा है, लेकिन इस कारण उन्हें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिलता।' मुइज्जू के बयान को भारत के साथ राजनयिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (फाइल) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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चीन के साथ मालदीव की करीबी बढ़ाने की कवायद में जुटे नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पांच दिवसीय दौरा खत्म कर स्वदेश लौट गए हैं। हालांकि, उन्होंने एक चौंकाने वाली टिप्पणी में किसी देश का नाम लिए बिना, 'मालदीव को धमकाने का अधिकार' नहीं जैसी टिप्पणी की है। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग समेत कई शीर्ष पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद मालदीव लौटे राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा, 'मालदीव छोटा हो सकता है लेकिन इससे उन्हें हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता।'
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मालदीव के राष्ट्राध्यक्ष का भारत पर स्पष्ट कटाक्ष?
राष्ट्रपति मुइज्जू की टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनके तीन मंत्रियों के अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई है। बता दें कि तीनों मंत्रियों के बयान के बाद मालदीव और भारत के बीच राजनयिक विवाद बढ़ गया है। भले ही आलोचना के बाद मालदीव की सरकार ने तीनों मंत्रियों को हाशिए पर धकेल दिया है, लेकिन दोनों देशों की तल्खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। चीन समर्थक नेता माने जाने वाले मुइज्जू ने 'धमकाने का लाइसेंस...' वाली टिप्पणी में किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे भारत पर स्पष्ट कटाक्ष माना जा रहा है। उन्होंने कहा, 'यह महासागर किसी विशिष्ट देश का नहीं है। हिंद महासागर इस क्षेत्र में स्थित सभी देशों का भी है।'

9 लाख वर्ग किमी का विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र
पिछले साल नवंबर में कार्यभार संभालने के बाद पहली राजकीय यात्रा पर चीन पहुंचे मुइज्जू ने राष्ट्रपति जिनपिंग के अलावा प्रधानमंत्री और मालदीव के बिजनेस लीडर्स से भी मुलाकात की। पांच दिनों के बाद मालदीव लौटे मुइज्जू ने कहा, हमारे पास हिंद महासागर में छोटे द्वीप हैं, हमारे पास 9 लाख वर्ग किमी का विशाल विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zone- SEZ) है। मालदीव इस महासागर के सबसे बड़े हिस्से वाले देशों में से एक है।
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चीन से ₹10.77 अरब लेकर लौटे मुइज्जू
उन्होंने कहा, 'हम किसी के पिछवाड़े (backyard) में नहीं हैं। हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य हैं।' मुइज्जू ने कहा, चीन ने उनके देश के लिए 130 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता दी है। सहायता का बड़ा हिस्सा माले में सड़कों के पुनर्विकास पर खर्च किया जाएगा। यहां शनिवार को मेयर का चुनाव कराए गए। बता दें कि मालदीव के राष्ट्रपति बनने से पहले मुइज्जू माले के पूर्व मेयर रह चुके हैं।दोनों देशों के रिश्ते पर मालदीव में चीन के राजदूत वांग लिक्सिन ने कहा, अगर मालदीव राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पहल के साथ जुड़ेगा तो उसे और अधिक विकास परियोजनाओं की सौगात मिलेगी।
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