फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जल्द सीरिया का दौरा करेंगे। 2024 में बशर अल असद की सत्ता खत्म होने के बाद वह सीरिया पहुंचने वाले पहले पश्चिमी नेता होंगे। मैक्रों के साथ फ्रांसीसी निवेशकों का प्रतिनिधिमंडल भी जाएगा। इस यात्रा का उद्देश्य सीरिया के पुनर्निर्माण, निवेश बढ़ाने और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करना माना जा रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों जल्द ही सीरिया का दौरा करेंगे। अगर यह यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो वर्ष 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद की सत्ता खत्म होने के बाद सीरिया पहुंचने वाले वह पहले पश्चिमी देश के नेता होंगे। यह जानकारी रविवार को सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी सना ने दी। हालांकि, फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने फिलहाल मैक्रों की इस प्रस्तावित यात्रा पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। सीरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने भी यात्रा की तारीख या विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी साझा नहीं की है।
इससे पहले मई 2025 में मैक्रों ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा का पेरिस में स्वागत किया था। अल-शरा पहले एक इस्लामिक समूह के नेता रहे हैं और 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बने। उस दौरान मैक्रों ने कहा था कि वह सीरिया पर लगे यूरोपीय संघ और अमेरिका के कड़े आर्थिक प्रतिबंध हटाने के लिए प्रयास करेंगे। इसके बाद अधिकांश प्रतिबंध हटा दिए गए।
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निवेशकों का भी जाएगा प्रतिनिधिमंडल
सना की रिपोर्ट के अनुसार, मैक्रों के साथ फ्रांस के कई निवेशक और प्रमुख फ्रांसीसी कंपनियों के प्रतिनिधि भी सीरिया जाएंगे। माना जा रहा है कि इस यात्रा का उद्देश्य सीरिया के पुनर्निर्माण और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्रों मंगलवार और बुधवार को तुर्किये की राजधानी अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद उनके सीरिया जाने की संभावना जताई जा रही है।
युद्ध से बुरी तरह तबाह है सीरिया
सीरिया पिछले 14 वर्षों से चले संघर्ष का गंभीर असर झेल रहा है। इस युद्ध में लगभग पांच लाख लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। देश का बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे की तबाही और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
हालांकि कई देशों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने सीरिया में निवेश की घोषणा की है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि देश के पुनर्निर्माण और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए अभी भी सैकड़ों अरब डॉलर के निवेश की जरूरत होगी। मैक्रों की प्रस्तावित यात्रा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और आर्थिक पहल माना जा रहा है।