लंदन में हाउस ऑफ कॉमन्स परिसर में सद्भावना कार्यक्रम हुआ। इसमें लंदन संकल्प अपनाया गया। इसका मकसद ब्रिटेन स्थित प्रवासी भारतीयों के योगदान को रेखांकित करना है। भारत की प्रगति में योगदान देने और बढ़ावा देने के संकल्प को स्वीकार किए जाने के मौके पर ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने कहा, ब्रिटेन में भारतीय मूल के लोगों का समर्थन भारत की विदेश नीति का एक प्रमुख स्तंभ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अपनी वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है। यूके तक पहुंच, प्रवासी भारतीयों को प्राथमिकता, प्रवासी भारतीयों के साथ साझेदारी को प्राथमिकता देना सरकार की नीति है। उन्होंने कहा, किसी भी व्यक्ति को पीछे न छोड़ना और कोहिमा से कच्छ तक, कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर समुदाय तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 'नमस्ते लंदन: रिसर्जेंस ऑफ न्यू इंडिया' कार्यक्रम में यूके में 'इग्नाइटिंग कलेक्टिव गुडनेस: मन की बात@100' भी लॉन्च हुआ। सभी दलों के सांसद और प्रवासी नेता बड़ी संख्या में समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों का जश्न मनाने के इस मौके पर हैरो के मेयर, रामजी चौहान ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी जो कर रहे हैं वह सभी प्रधानमंत्रियों की तुलना में अनोखा और अलग है।
यूके में हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य, लॉर्ड जर्मन ने कहा, वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति अब नौ साल पहले की तुलना में बहुत बेहतर है। भारत न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, बदलते हालात को देखकर लगता है कि विचारों और सोच के संदर्भ में नए विकास हो रहे हैं।
निर्माण और विश्व स्तर पर निर्यात में सक्षम होने के कारण अर्थव्यवस्था में स्पष्ट और बड़ा बदलाव आया है। लॉर्ड जर्मन ने कहा, 'मैं इस बात को लेकर बहुत उत्सुक हूं कि भारत क्या करने में सक्षम है।' विविधता के बारे में हमारी समझ, विभिन्न संस्कृतियों के बारे में हमारी समझ और खुद के बारे में हमारी समझ दुनिया में योगदान करने के लिए अहम है।