नेपाल ने भी अपने देश में लॉकडाउन 18 मई तक बढ़ा दिया है। सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी 31 मई तक बंद रहेंगी। नेपाल ने भारत की तरह लॉकडाउन में किसी भी तरह की रियायत देने या इसे जोन में बांटने के प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
कोविड-19 नियंत्रण के लिए बनाई गई उच्चस्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने साफ तौर पर कहा कि अभी भारत से लगे हुए सीमाई इलाकों में कोविड-19 का खतरा बहुत ज्यादा है। यहां से संक्रमण नेपाल आने की बहुत आशंका है। ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम मोल लेना ठीक नहीं है।
बैठक में लॉकडाउन का और सख्ती से पालन करवाने और लोगों में घर में ही रहने की जागरूकता पैदा करने के तरीकों पर भी विचार किया गया। 24 मार्च से चल रहे लॉकडाउन के तहत आने वाली परेशानियों के साथ-साथ अब तक की स्थितियों पर समीक्षा भी की गई और इसे बढ़ाने के अलावा फिलहाल किसी और विकल्प पर कोई चर्चा नहीं हुई।
पर्यटन, नागरिक उड्डयन और संस्कृति मंत्री योगेश भट्टाराई के मुताबिक बैठक में यह प्रस्ताव भी आया कि भारत की ही तरह ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन बनाकर लॉकडाउन धीरे धीरे खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाए, लेकिन प्रधानमंत्री ओली ने साफ तौर पर कहा कि इसके लिए अभी सही वक्त नहीं है। भारत में कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और वहां यह प्रयोग अभी सफल होता नहीं दिख रहा, इसलिए अभी पूरी तरह लॉकडाउन ही एकमात्र रास्ता है।