मेकांग-गंगा सहयोग का उद्देश्य छह देशों- भारत, कंबोडिया, लाओस पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम के बीच पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा, परिवहन और संचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को लाओस के विदेश मंत्री सलेउमक्से कोमासिथ के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें त्वरित प्रभाव परियोजनाओं और डिजिटल समाधान जैसे समझौते शामिल हैं।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया ट्वीट
जयशंकर दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) की बैठकों में भाग लेने के लिए लाओस पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजधानी वियेनटाइन में हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'लाओ पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक की राजधानी में विदेश मंत्री सलेउमक्से कोमासिथ के साथ अच्छी बैठक हुई। गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए उनका धन्यवाद किया।'
विदेश मंत्री ने कहा, 'मेकांग-गंगा सहयोग के तहत लाओस के लिए 10 त्वरित प्रभाव परियोजनाओं और डिजिटल समाधान को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर हुए। गौरतलब है कि मेकांग-गंगा सहयोग का उद्देश्य छह देशों- भारत, कंबोडिया, लाओस पीपल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम के बीच पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा, परिवहन और संचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
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मेकांग-गंगा सहयोग को इन क्षेत्रों में भी दिया गया विस्तार
मेकांग-गंगा सहयोग के तहत स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा, कृषि, लघु और मध्यम उद्यम, जल संसाधन प्रबंधन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और क्षमता निर्माण जैसे नए क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। दोनों नेताओं ने रामायण और बौद्ध धर्म की साझा सांस्कृतिक धरोहरों का जश्न मनाते हुए एक विशेष डाक टिकट भी लॉन्च किया।