रूस ने कहा है कि वह जॉर्जिया की विमान कंपनियों के लिए अपने वायु क्षेत्र में उड़ान पर रोक लगाएगा। ये नियम आठ जुलाई से लागू होगा। इससे एक दिन पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रूसी एयरलाइंस की जॉर्जिया जाने वाली उड़ानों पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया। रूस ने यह फैसला पड़ोसी देश जॉर्जिया की संसद में रूसी सांसद के भाषण के बाद हुई हिंसक झड़पों और प्रदर्शनों के बाद लिया है। जो सोवियंत संघ की संसद रह चुकी है।
पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ये फैसला "रूसी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आपराधिक और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से बचाने" के लिए लिया है। पर्यटन कंपनियों को जॉर्जिया के लिए हॉलिडे पैकेज ना देने को कहा गया है। साथ ही जॉर्जिया घूमने गए रूसी पर्यटकों को भी घर वापस आने को कहा गया है।
जॉर्जिया की राजधानी तिबलिसी में शनिवार को लगातार तीसरे दिन संसद के बाहर हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि ये संख्या पहले से काफी कम थी। शुरुआत के दो दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को इंटीरियर मिनिस्टर जियॉर्जी गखारिया को इस्तीफा देने के लिए कहा। लोगों का कहना है कि गुरुवार को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जो कार्रवाई की, उसकी जिम्मेदारी गखारिया को लेनी चाहिए।
गुरुवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कम से कम 240 लोग घायल हो गए थे। जिनमें से दो ने अपनी आंखें भी खो दीं। ऐसा इसलिए क्योंकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उनपर रबड़ की बुलेट से हमला किया था।
क्या है विरोध प्रदर्शन का कारण?
प्रदर्शनकारियों ने संसद के अध्यक्ष इराकली कोबाखिदजे को इस्तीफा देने के लिए कहा है। उन्हें विधायक सर्गेई गवरिलोव सहित रूसी प्रतिनिधिमंडल की विवादास्पद यात्रा के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। जिसके चलते कोबाखिदजे ने इस्तीफा भी दे दिया है। शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने सरकार को रूस से अत्यधिक फ्रेंडली बताया और जल्द संसदीय चुनाव कराने की मांग की।
रूस से क्यों खफा हैं जॉर्जिया के लोग?
जॉर्जिया में रूसी विरोधी भावनाएं अधिक इसलिए हैं क्योंकि रूसी सेना ने जॉर्जियाई क्षेत्र के लगभग 20 फीसदी हिस्से पर 1990 के दशक में सोवियत संघ के टूटने के बाद से कब्जा किया हुआ है। इस क्षेत्र में दक्षिणी ओसेशिया और अबखाजिया का क्षेत्र भी शामिल है। अबखाजिया और दक्षिणी ओसेशिया को लेकर चले पांच दिवसीय युद्ध के बाद भी मॉस्को ने जॉर्जिया जाने वाली उड़ानों को अक्टूबर 2006 में और अगस्त 2008 में तनाव के दौरान निलंबित कर दिया था। इस संघर्ष के बाद रूस ने इन दोनों क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दे दी थी।
जॉर्जिया के राष्ट्रपति सेलोम जुराबिशविली ने भी रूस को "एक दुश्मन और कब्जा करने वाला" बताया है। साथ ही कहा है कि मॉस्को ने विरोध प्रदर्शन को गति देने में मदद की है। जबकि रूस ने कट्टरपंथी जॉर्जियाई राजनेताओं पर सारा दोष मढ़ दिया है और इसे "रूस विरोधी उकसावा" बताया है।